साल 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली केंद्र सरकार ने बजट में उन्हें ही नजर अंदाज कर दिया। आमजन, कारोबारियों और युवाओं के लिए भी यह बजट भ्रामक साबित हुआ है। बजट जैसे गंभीर विषय पर भी केंद्र सरकार सीरियस नहीं है, यह बहुत दुख की बात है। केंद्र ने पहले रेल बजट को खत्म किया, फिर किसान और गरीबों को ही बजट से गायब कर दिया गया। ये बातें राज्य सरकार के यूडीएच (स्वायत्त शासन) मंत्री शांति धारीवाल ने कहीं।
मंत्री धारीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को निराशा से भरा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार कब तक स्लोगन से देश को चलाएगी? सरकार ने बजट में ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई जिससे आम लोगों को कुछ फायदा मिलता नजर आ रहा हो। केंद्र ने जनता को एक बार फिर गुमराह किया गया है। बजट में किसानों और कारोबारियों के लिए कुछ नहीं हैं। युवाओं के रोजगार की भी बात नहीं की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सिर्फ यह बताने आईं थीं कि सरकार जनता को किस तरह से लूटने जा रही है।
मंत्री ने कहा- वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में जनता को क्या मिला ऐसा कुछ नहीं बताया, उन्होंने सिर्फ यह बताया कि सरकार जनता से कैसे टैक्स वसूली की तैयारी कर रही है। लोगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को बजट में छिपाया गया है। सरकार को बजट में आय-व्यय का हिसाब देना चाहिए था, पिछले बजट की घोषणाओं का क्या हुआ उसके बारे में बताया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
यूडीएच मंत्री ने कहा- वित्त मंत्री ने केंद्र की पिछली बजट घोषणाओं को भी इस बजट में शामिल कर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है, लेकिन देश का नौजवान, किसान, कारोबारी और आम जनता जुमलेबाज सरकार को समझ गई है। केंद्र सरकार ने इस बजट से साबित कर दिया कि उनके पास आमजन को देने के लिए कुछ नहीं है।