देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की बेकाबू रफ्तार जारी है। राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में कोरोना संक्रमण पर ब्रेक लगाने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन के बीच राजस्थान के धौलपुर जिले में से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की जीप को देखकर दुकानदार जल्दबाजी में दुकान बंद कर अपने घर चला गया। इमसें कपड़े की खरीदारी करने आईं मां-बेटी भी बंद हो गईं, जिन्हें पुलिस ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करने के बाद शटर तोड़कर बाहर निकाला।
जानकारी के मुताबिक, धोलपुर के सैंपऊ कस्बे में सहेली साड़ी सेंटर नाम की दुकान खुली हुई थी। इसी दौरान यहां पर मां मंजू देवी व उसकी बेटी कृष्णा कपड़े खरीदने आई थी। इसी दौरान किसी ने पुलिस को लॉकडाउन में दुकान खुली होने की शिकायत कर दी। पुलिस की जीप को देखकर जल्दबाजी में पिपहेरा निवासी दुकानदार बनवारी लाल मां-बेटी को दुकान के अंदर ही बंद कर चला गया।
धौलपुर के पुलिस अधीक्षक केसर सिंह वहां से गुजर रहे थे, तभी किसी ने उन्हें दुकान के भीतर से रोने एवं चिल्लाने की आवाज आने की बात बताई। इस पर दुकान का शटर तोड़कर महिलाओं (मां-बेटी) को निकाला गया। सिंह ने बताया कि जब उन्हें बचाया गया, तो उनकी हालत खराब थी। दुकानदार को बुलाया गया और उसके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम और भादंसं की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। दुकानदार का कहना है कि उसने जल्दी में दुकान बंद कर दी और भूल गया कि दुकान के अंदर ग्राहक थे।
संपर्क करने पर दुकानदार बनवारी ने कहा कि घर में शादी ब्याह के कार्यक्रम के कारण वह आने की स्थिति में नहीं था। हालांकि, शटर तोड़ दिए जाने के बाद वह वहां आ गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जन अनुशासन पखवाड़े के बावजूद खुले में भगवत कथा आयोजन के एक अन्य मामले में पूर्व विधायक सुखराम कोली सहित आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।