सरपंच संघ ने दी आंदोलन चेतावनी
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प्रदेश भर में सरपंचों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। जिससे विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। सरपंच अपने 13 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पूरे राज्य में करोडों रूपए के नए कार्य नहीं हो पा रहे हैं। पीएम आवास, जेजेएम, सड़क निर्माण के कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
सरपंच संघ जयपुर के अध्यक्ष मेहर सिंह धनकड़ ने बताया कि अगर उनकी 13 सूत्रीय मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 22 मार्च को 11 हजार सरपंचों के साथ सरपंच संघ विधानसभा का घेराव करेगा। सरपंच संघ के संयोजक भंवरलाल जानू का कहना है कि आंदोलन की तैयारी कर ली गई है। विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस घेराव में महिला सरपंच भी शामिल होंगी।
ये हैं सरपंच संघ की मांगें-
- छठे राज्य वित्त आयोग में दी गई राजस्व कटौती को वापस बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए
- निजी खातेदारी में प्रचलित रास्तों, पेयजल योजनाओं के लिए सहमति के आधार पर स्वीकृति जारी करने के आदेश प्रदान किए जाएं
- पेयजल योजनाओं का संचालन एवं संधारण पीएचईडी द्वारा किया जाए
- कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों को नियमन कर पट्टा जारी करने का अधिकार पंचायतों को दिया जाए
- सरपंच अपना मानदेय 4 हजार से 15 हजार करने की मांग भी कर रहे हैं
- संविदा कर्मियों का वेतन संबंधित विभाग से करवाया जाए