राजस्थान के बाड़मेर जिले में जहरीली शराब से बुधवार सुबह एक जने की और मौत हो जाने से मरनेवालों की संख्या 14 हो गई है। तीन दर्जन लोगों की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।
गम्भीर मामले में बीएसएफ के चार जवान भी शामिल है, जबकि दो जवानों की दो दिन पूर्व ही मौत हो गई थी। बाड़मेर, जोधपुर व जैसलमेर में शराब के अवैध कारोबार को लेकर सौ से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। वहीं, सरकार ने आबकारी विभाग के सात कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया है।
जहरीली शराब के चलते मौत से जूझ रहे लोगों का इलाज राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर व मथुरादास माथुर अस्पताल जोधपुर में चल रहा है। हालांकि प्रशासन ने अब तक 8 मौतों की ही पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार हरियाणा में निर्मित इम्पैक्ट और नैना ब्रांड की शराब का सेवन करने से ये मौतें हुई हैं।
बुधवार को भी पीडि़तों का अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला जारी है। पुलिस जांच में पाया गया है कि जहरीली शराब से मरने का सिलसिला 19 मार्च से चल रहा है। शुरुआत में दौ-तीन मौतों तक कोई अंदाजा नहीं लगा पाया कि कारण जहरीली शराब है।
इधर, जोधपुर सम्भागीय आयुक्त रतन लाहोटी ने कहा है कि अवैध शराब के सेवन से बाड़मेर जिले में अब तक सात लोगों की मौत की जानकारी है। प्रशासन की ओर से शराब नहीं पीने की अपील की गई है। आबकारी विभाग, पुलिस व प्रशासन की टीमें गठित की हैं, जो प्रभावित क्षेत्र में जाकर जांच में जुटी है।