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कांग्रेस में कलह: अशोक गहलोत और पायलट गुट के बीच बढ़ी तल्खियां,पीसीसी अध्यक्ष ने सचिन पायलट पर साधा निशाना

Sun, 12 Sep 2021 09:12 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। दोनों गुटों के बीच बयानबाजी ने प्रदेश समेत देश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस आलाकमान भी इसको लेकर चिंतित है। अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह ने नाम लिए बगैर सचिन पायलट पर निशाना साधा है। 
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गोविंद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा अपने वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उनका जो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें वह सचिन पायलट पर तंज कस रहे हैं।  डोटासरा ने शादी वालों की बात करते-करते पायलट के जन्मदिन में उमड़ती भीड़ पर टिप्पणी कर दी। बता दें कि आजकल पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के जन्मदिन मनाने के कार्यक्रम चल रहे है। इनमें उनके समर्थकों की भीड़ आ रही है हालांकि, कोरोना गाइडलाइन के तहत गहलोत सरकार ने भीड़भाड़ वाले सभी राजनीतिक, धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा रखी है।माना जा रहा है कि उन्होंने पायलट गुट पर परोक्ष रूप से निशाना साधा । 

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें वह मोबाइल पर किसी अधिकारी से बात कर रहे हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि डोटासरा शादी-विवाह समारोहों में छूट देने के लिए शायद किसी परिचित के लिए सिफारिश कर रहे हैं। बातचीत में वह कह रहे हैं कि आजकल बड़े-बड़े जन्मदिन मन रहे हैं, जन्मदिन के नाम पर भीड़ उमड़ रही है तो शादी वालों को क्यों मारें। शादी-ब्याह में तो थोड़ी बहुत भीड़ स्वाभाविक है। 

कांग्रेस में पक्ष में आए थे उपचुनाव के नतीजे
दरअसल, राजस्थान पंचायत चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए हैं, लेकिन गहलोत-पायलट के बीच चल रही सियासी जंग से पार्टी के भीतर और बाहर कलह बढ़ रही है। छह जिलों के उपचुनाव के नतीजे से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साथ दो निशाने साधे। एक तो पार्टी आलाकमान का ये संदेश कि गहलोत-डोटासरा की जोड़ी जीत के लिए मजबूत है। यहां तक बिना सचिन पायलट के भी चुनाव जीत सकते हैं। इस जोड़ी से छेड़छाड़ न की जाए ।
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साथ ही गहलोत पार्टी नेतृत्व को यह भी समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि हाल ही में प्रदेश  में वल्ल्भनगर व धरियावाद दो सीटों पर उपचुनाव होने है। अभी अगर बदलाव न किया जाए तो जीत का सिलसिला बरकरार रहेगा, लेकिन इसे बदला गया तो कांग्रेस पर भाजपा भारी भी पड़ सकती है। लिहाजा गहलोत नहीं चाहते हैं कि सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस में अहम भूमिका अदा करें। 

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