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राजस्थान पंचायत चुनाव: प्रत्याशियों के खर्च की सीमा बढ़ी, जानें किस पद के लिए कितनी रकम तय

Sat, 03 Oct 2026 06:14 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

प्रदेश चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान करने के साथ ही पंच, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए अधिकतम खर्च सीमा में बढ़ोतरी कर दी है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि आयोग ने चुनावी खर्च, वाहनों के इस्तेमाल और प्रचार सामग्रियों पर नए नियम लागू किए हैं। चुनाव घोषणा के साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो चुकी है। वर्ष 2019 में तय की गई पुरानी खर्च सीमा में बदलाव करके अब नया ढांचा तैयार किया गया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर सभी अभ्यर्थियों को अपने चुनावी खर्च का पूरा ब्योरा संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या उनके प्राधिकृत अधिकारी के सामने निर्धारित प्रारूप में जमा करना अनिवार्य होगा।
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उम्मीदवारों के लिए निर्धारित चुनाव खर्च सीमा
नए आदेशों के अनुसार, पंचायत चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए लड़ने वाले प्रत्याशियों की अधिकतम चुनावी व्यय सीमा में वृद्धि की गई है। इस संशोधन के तहत जिला परिषद सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अब अधिकतम 3,00,000 रुपये तक खर्च कर सकेंगे। पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए यह सीमा 1,50,000 रुपये निर्धारित की गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों हेतु अधिकतम खर्च की सीमा 1,00,000 रुपये रखी गई है।

प्रत्याशियों को चुनाव के दौरान किए गए प्रत्येक खर्च का हिसाब व्यवस्थित रूप से रखना पड़ेगा। यदि कोई उम्मीदवार तय सीमा का उल्लंघन करता है अथवा समय सीमा के भीतर खर्च का ब्योरा जमा नहीं कराता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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प्रचार साधनों और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध
चुनाव प्रचार के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा वाहनों, लाउडस्पीकरों, कट-आउटों, होर्डिंग्स, पोस्टरों और बैनरों के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष आदेश जारी किए हैं। प्रचार की विभिन्न गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हैं। प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या सीमित रखी गई है। इसके अलावा, किसी सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

आदर्श आचार संहिता लागू रहने तक नए काम-काज पर रोक रहेगी, हालांकि जिन विकास कार्यों के आदेश आचार संहिता लागू होने से पहले जारी हो चुके हैं या जो निर्माण कार्य पहले से चल रहे हैं, वे अप्रभावित रहेंगे। लेकिन नई निविदाएं, नई योजनाएं और नए कार्यादेश जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।

चार चरणों में मतदान का पूरा कार्यक्रम
पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया चार चरणों में पूरी की जाएगी। जयपुर जिले में भी चार चरणों के तहत ही मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 25 अक्तूबर को राज्य की 3,672 ग्राम पंचायतों में आयोजित होगा। दूसरे चरण के अंतर्गत 31 अक्तूबर को 3,626 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाएंगे। तीसरे चरण की वोटिंग प्रक्रिया 6 नवंबर को 3,605 पंचायतों में पूरी होगी। अंत में, चौथे और अंतिम चरण में 16 नवंबर को 3,500 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा।

सभी चरणों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों को अपने चुनावी खर्च का अंतिम विवरण प्रस्तुत करना होगा। राज्य में आदर्श आचार संहिता संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति तक निरंतर लागू रहेगी, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में कराए जा सकें।
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