पुलिस को इस हालत में मिले पीड़ित बाूल राम।
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राजस्थान के झालावाड़ में आठ लाख की फिरौती के लिए अगवा किए गए व्यक्ति को पुलिस ने मुक्त करा लिया है। पुलिस के आने की भनक लगते ही बदमाश पीड़ित को जंगल में छोड़कर फरार हो गए। उन्हेल थाना पुलिस बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए जंगल में सर्च अभियान चला रही है। बदमाशों ने मारपीट कर व्यक्ति के दोनों पैर तोड़ दिए। पुरानी रंजिश के चलते उसका अपहरण किया गया था।
झालावाड़ एसपी मोनिका सेन ने बताया कि गुरुवार सुबह 3:30 बजे गांव तिसाई के रहने वाले श्याम सिंह ने अपहरण का केस दर्ज कराया। पीड़ित ने पुलिस बताया उसका भाई बालू सिंह पत्नी के साथ 14 फरवरी को रिश्तेदारी में गया था। पत्नी को वहां छोड़कर वह अकेला आ रहा था, इसी दौरान किसी ने उसका अपहरण कर लिया। 16 फरवरी की शाम बालू का कॉल आया और उसने कहा कि मेरा अपहरण हो गया है, रुपए की व्यवस्था कर लो। 17 फरवरी की सुबह अपहरणकर्ता का कॉल आया कि आठ लाख रुपए की व्यवस्था कर लो, शाम को कॉल कर जगह बता देंगे।
एसपी मोनिका ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच करने के लिए सीओ गंगरार प्रेम कुमार के निर्देशन में उन्हेल, गंगधार और डग थाने से टीमें गठित की गई। गठित टीम ने संदिग्धों का चयन कर उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान पीड़ित की एक पुरानी रंजिश के बारे में पता चला।
टीम ने गांव चायडा थाना उन्हेल निवासी नाथू सिंह के मकान और खेत पर टीम ने दबिश दी। यहां से जंगली पेड़ों की आड़ में छिपाई गई बालू सिंह की बाइक बरामद की गई। साथ ही कालीसिंध नदी के किनारे पेड़ों की आड़ में बालू सिंह चोटिल हालत में बंधक बने हुए मिले। पुलिस को देख आरोपी नाथू सिंह और उसके तीन अन्य साथी फरार हो गए।
पुरानी रंजिश का बदला लेने किया अपहरण
पुलिस ने बताया कि दो साल पहले अपहरणकर्ता नाथू सिंह, भाई बालू सिंह, भतीजे रणजीत सिंह और बहनोई ने पीड़ित बालू सिंह और श्याम सिंह के साथ मारपीट की थी। दोनों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था। आरोपी नाथू सिंह का बहनोई अभी जेल में बंद है। उसकी केस में राजीनामा कराने के लिए आरोपी नाथू सिंह और तीन अन्य साथियों ने बालू का अपहरण कर लिया था। साथ ही उसे छोड़ने के लिए आठ लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे।