राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
- फोटो : Twitter @ashokgehlot51
राजस्थान में राज्य सरकार ने आम जनता को बढ़ती तेल की कीमतों से राहत दी है। अशोक गहलोत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट की दर में दो फीसदी की कमी की है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। ये नए आदेश 28 जनवरी से रात 12 बजे से लागू होंगे।
कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने और राजस्व में आई कमी के बाद भी मुख्यमंत्री ने आमजन के हित में यह अहम फैसला लिया है। इस फैसले से आम जनता के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और दूसरे व्यवसायों को भी काफी राहत मिलेगी।
वैट की दरों में कमी की वजह से राज्य सरकार को हर साल राजस्व में एक अनुमान के तौर पर एक हजार करोड़ रुपये की कमी आएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम उच्चतम स्तर पर होने की वजह से लगातार महंगाई बढ़ रही है। इसकी वजह से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मौजूदा समय में पेट्रोल पर 32.98 रुपये और डीजल पर 31.83 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लिया जा रहा है, ये बहुत ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की ओर से बेसिक एक्साइड ड्यूटी राज्यों को दिए जाने वाले डिविजनल पूल का हिस्सा होती है।
इसे लगातार कम करते हुए पेट्रोल पर 9.48 रुपये से 2.98 रुपये और डीजल पर 11.33 रुपये से 4.83 रुपये किया जा चुका है। इससे राजस्थान समेत सभी राज्यों को राजस्व की भारी हानि हो रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने जो पहल की है, केंद्र सरकार को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। साथ ही पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय करों में कमी कर लोगों को राहत दी जानी चाहिए।