कैबिनेट मंत्री ने गांव में 20 हजार रोजेदारों के लिए रोजा इफ्तारी का आयोजन किया।
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राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद रमजान के महीने में मक्का की यात्रा कर उमराह करके जैसलमेर लौटे। पैतृक गांव भागू का गांव में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने गांव में 20 हजार रोजेदारों के लिए रोजा इफ्तारी का आयोजन किया। गांव में लगाए गए बहुत बड़े डोम में हजारों लोगों ने शिरकत की और अल्लाह की इबादत कर रोजा खोला।
कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि दो साल से कोरोना की वजह से मक्का की यात्रा बंद थी। इस साल यात्रा का मार्ग खुलने के कारण वे उमराह करके लौटे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की पहली बरसी के मौके पर उनके लिए भी दुआएं की गई।
हर साल मक्का जाते हैं मंत्री
मंत्री शाले मोहम्मद ने बताया कि वे हर साल रमजान महीने के दौरान उमराह करने के लिए मक्का जाते हैं। पिछले दो साल से कोरोना के कारण यात्रा बंद थी। इस बार यात्रा शुरू होने पर वे मुकद्दस यात्रा पर जाकर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि मुस्लिम लोग 11 महीने अपना काम करते हैं, लेकिन रमजान का महीना इबादत का महीना होता है। महीने लोग रोजे रखते हैं और इबादत करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह से यही दुआ है कि देश-प्रदेश में आपसी भाईचारा और अमन कायम रहे।
देश में अमन कायम रखने मांगी दुआ
रोजा इफ्तारी में करीब 20 हजार मुस्लिम समुदाय के लोग गांव में इकट्ठे हुए और रोजा खोला। सभी ने दुआओं में एक साथ हाथ उठाए और देश में अमन व मुहब्बत के लिए दुआएं की। इस मौके पर जिला कलेक्टर डॉ. प्रतिभा सिंह, एसपी भंवर सिंह नाथावत, बाड़मेर कांग्रेस जिला अध्यक्ष फतेह खान, रोशन खान खलीफा, श्रम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गफूर अहमद, पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर, पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर, नगर परिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला, गुलाम मोहम्मद नेगरड़ा, अमीन खान समेजा सहित मुस्लिम समुदाय से हजारों लोगों ने शिकरत की।