डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले के मुख्य आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ा गया आरोपी शिव शंकर जोशी उर्फ बाल्या 29 मार्च के बाद से फरार था। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
बता दें कि 29 मार्च को दौसा की डॉ अर्चना शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी। एक प्रसूता की मौत के बाद स्थानीय लोगों और महिला के परिवार वालों ने डॉ अर्चना पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी शिव शंकर अन्य लोगों के साथ अस्पताल के बाहर धरने में शामिल था।
दौसा के पुलिस अधीक्षक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि हमारी टीम घटना के बाद से बाल्या जोशी का पता लगाने की कोशिश कर रही थी। गुरुवार को टीम ने उसे जयपुर से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जयपुर संभागीय आयुक्त दिनेश कुमार यादव कर रहे हैं।
आरोपी ने किया आत्मसमर्पण करने का दावा
इधर, बताया रहा है कि आरोपी बल्या जोशी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। उसने अपनी जान को भी खतरा बताया है। उसने कहा कि आत्महत्या के मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उसे इस केस में फंसाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
दौसा के लालसोट में खेमावास निवासी लालूराम बैरवा पत्नी आशा देवी (22) को प्रसव के लिए 28 मार्च की सुबह आनंद हॉस्पिटल लेकर आए थे। प्रसव के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसमें भाजपा नेता और उनके समर्थक भी शामिल हुए। विरोध-प्रदर्शन के बाद लालसोट थाने में डॉक्टर अर्चना के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इससे डॉ. अर्चना शर्मा तनाव में चली गई और अगले दिन 29 मार्च को उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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