राजस्थान में रविवार को बड़ा रेल हादसा टल गया। ट्रैक पर दौड़ती बीकानेर-बिलासपुर (20846) ट्रेन में रविवार ब्रेक सिस्टम में चिंगारी उठी और धुंआ उठकर आग लग गई। घटना का पता चलने पर ट्रेन को रवांजनाडूंगर स्टेशन पर रोकी गई। आग बुझने पर ट्रेन कोटा के लिए रवाना की गई। वक्त रहते पता लगने से बड़ी घटना टल गई। ट्रेन एक घंटे मौके पर खड़ी रही। हालांकि रेलवे ने इसे हॉट एक्सेल का मामला बताया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच करवाई जा रही हैं। इधर पूरी घटना अब सामने आई।
यात्रियों के मुताबिक ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह करीब 10:15 बजे सवाईमाधोपुर पहुंची थी। 10.35 बजे ट्रेन रवाना हुई, कुछ ही देर बाद ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में अचानक आग की चिंगारी धुएं के साथ उठी। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के रवांजनाडूंगर स्टेशन से ट्रेन निकलने के दौरान स्टेशन मास्टर को तृतीय श्रेणी के वातानुकूल बी-2 कोच के पहियों के पास धुंए के साथ आग नजर आई। स्टेशन मास्टर ने वॉकी टॉकी पर सूचना ट्रेन चालक को दी। चालक ने ट्रेन को तुरंत रोक दी। स्टेशन और ट्रेन स्टाफ ने मशक्कत कर अग्निशमन यंत्रों की मदद से जैसे-तैसे आग बुझाई।
आग से यात्रियों में हड़कंप मचा रहा। घबराए यात्री सामान समेट कर आनन-फानन में ट्रेन से उतर गए। आग बुझने तक यात्री नीचे ट्रैक पर ही खड़े रहे। पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद यात्री दुबारा ट्रेन में चढ़े। ट्रेन दोपहर करीब 12:15 बजे कोटा स्टेशन पहुंची। ट्रेन की जांच की गई, लेकिन सब कुछ सही मिलने पर ट्रेन को आगे रवाना की गई।
यात्रियों ने बताया कि घटना की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग बुझाने के लिए 9 अग्निशमन यंत्रों का उपयोग किया गया। अगर समय रहते घटना का पता नहीं चलता तो दौड़ती ट्रेन में भीषण आग लग सकती थी। घटना के समय ट्रेन करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी।
ब्रेक जाम होने से लगी आग
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चला है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। लेकिन संभावना जताई जा रही है कि यह आग ब्रेक जाम होने के कारण लगी। सवाईमाधोपुर से ट्रेन रवाना होने के बाद बी-2 कोच के ब्रेक रिलीज नहीं हुए थे। जाम ब्रेक पहिए से लगातार रगड़ने के कारण गर्म हो गए। इसके बाद इस पूरे ब्रेक पैड में आग लग गई। रेलवे हॉट एक्शन का मामला बता रहा हैं।