अलवर जिले से अलग हुए खैरथल-तिजारा जिले का भिवाड़ी शहर प्रदूषित शहरों में नंबर वन पर आया है। उत्तर भारत के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर की आबोहवा एक बार फिर से खराब हो चुकी है।
बता दें कि पूरे नवंबर महीने में एक या दो दिन को छोड़कर भिवाड़ी का AQI स्तर 300 से लेकर 450 के बीच में बना रहा। जो की बेहद खतरनाक स्तर है। प्रदूषण को कम करने के लिए भिवाड़ी प्रशासन के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक तरफ जहां पूरी प्रशासनिक मशीनरी अपने-अपने स्तर पर बेहतर काम करने का दावा कर रही है। वहीं, भिवाड़ी का लगातार बढ़ता प्रदूषण इन दावों की पोल खोल रहा है।
भिवाड़ी में गत सात दिनों का ये रहा AQI स्तर
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21 नवंबर को 362
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22 नवंबर को 298
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23 नवंबर को 330
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24 नवंबर को 352
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25 नवंबर को 383
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26 नवंबर को 381
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27 नवंबर को 383
सोमवार को शहर का AQI स्तर सुबह जहां 310 था। वहीं, दोपहर होते-होते वह 381 पर पहुंच गया।शहर पर धुंए की तरह प्रदूषण की चादर छाई हुई है। सोमवार को वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से आसमान में बादल भी छाए रहे और ठंडी हवा का दौर भी जारी रहा और छुटपुट बारिश भी हुई। इसके बावजूद भिवाड़ी का प्रदूषण कम नहीं हुआ।
वही, रीको यूनिट फर्स्ट ने एहतियात के तौर पर स्मोक गन को भी भिवाड़ी की सड़कों पर छिड़काव करने के लिए दौड़ा दिया है। रविवार से लगातार एक स्मोक गन मशीन छिड़काव कर रही है। वहीं, दूसरी खस्ता हालत मशीन को भी ठीक करवाने का काम किया जा रहा है, जिसे ठीक होने के बाद छिड़काव के लिए लगाया जाएगा।