सार
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में 34 दिन से लागू आदर्श आचार संहिता मंगलवार शाम खत्म हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाबंदियां हटाईं। अब विकास योजनाओं, नए कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों पर लगी रोक हट गई है।
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में पिछले 34 दिन से लागू आदर्श आचार संहिता मंगलवार शाम को पूरी तरह खत्म हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया होने के बाद आचार संहिता हटाने का औपचारिक एलान किया। साथ ही, चुनावी माहौल में लगी सभी प्रशासनिक पाबंदियां भी हट गई हैं। अब संबंधित शहरी निकाय क्षेत्रों में सामान्य प्रशासनिक कामकाज और विकास से जुड़ी गतिविधियां पहले की तरह आगे बढ़ सकेंगी।
आचार संहिता लागू होने की समय-सीमा
राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 अगस्त को प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। चुकार्यक्रम जारी होते ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई थी। आयोग की इस व्यवस्था के तहत आचार संहिता 22 सितंबर की शाम तक, यानी करीब 34 दिन तक प्रभावी रही। निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संबंधित क्षेत्रों में आम जनजीवन और प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से संचालित होगा।
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विकास कार्यों पर लगी पाबंदियां हटीं
आचार संहिता के दौरान शहरी क्षेत्रों में नई विकास योजनाओं की घोषणा करने पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी। इसके अलावा, नए कार्यों के लिए वर्क ऑर्डर जारी करने सहित ऐसी तमाम गतिविधियों को रोक दिया गया था, जो चुनाव की निष्पक्ष प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती थीं। हालांकि, आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आचार संहिता लागू होने से पहले जो कार्य शुरू हो चुके थे, उन्हें जारी रखने की पूरी अनुमति दी गई थी। अब नगरीय निकायों में विकास की नई योजनाएं और प्रशासनिक निर्णय फिर से शुरू हो सकेंगे।