उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में राजस्थान एसओजी ने पेपर लीक गिरोह से परीक्षा से पहले लीक हुआ हल प्रश्नपत्र पढ़कर लिखित परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले दो और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को 20 सितंबर 2026 को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को 23 सितंबर तक पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि प्रकरण संख्या 10/2024 में अनुसंधान के दौरान सामने आया कि जयपुर ग्रामीण के रेनवाल थाना क्षेत्र निवासी नरेन्द्र प्रताप सिंह ने पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ से सात लाख रुपये में सौदा किया था। नरेन्द्र ने गिरोह के माध्यम से परीक्षा से पहले लीक हुआ हल प्रश्नपत्र पढ़कर परीक्षा दी। उसने हिन्दी विषय में 200 में से 149.09 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 124.71 अंक प्राप्त किए और लिखित परीक्षा में अवैध रूप से सफल हुआ। हालांकि, मेरिट कम रहने के कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका। पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट को एसओजी पहले ही 28 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप पत्र पेश कर चुकी है।
पढ़ें: छापे-नोटिस-गिरफ्तारी और आधी रात में कोर्ट, जानें चुनाव मैनेजमेंट की पूरी कहानी
दूसरे आरोपी अनिल विश्नोई ने अपने भाई तेजाराम विश्नोई और पेपर लीक गिरोह के सदस्य शैतानाराम विश्नोई के माध्यम से 20 लाख रुपये में परीक्षा से पहले लीक हुआ हल प्रश्नपत्र पढ़ने का सौदा किया था। जांच के अनुसार शैतानाराम और गणपतलाल विश्नोई के माध्यम से पेपर लीक सरगना भूपेन्द्र सारण के हैंडलर से प्रश्नपत्र प्राप्त कर अनिल को पढ़ाया गया। इसके बाद उसने परीक्षा दी। अनिल ने हिन्दी में 154.69 और सामान्य ज्ञान में 157.38 अंक हासिल किए। हालांकि, वह शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल रहा और अंतिम चयन से वंचित रह गया।
एसओजी के अनुसार पेपर लीक सरगना भूपेन्द्र सारण को 16 मार्च 2024 और शैतानाराम विश्नोई को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। वहीं, मामले में तेजाराम विश्नोई और गणपतलाल फरार हैं।
यह कार्रवाई डीआईजी एसओजी भुवन भूषण यादव और एसपी एसओजी कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में की गई। अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसओजी अब पेपर लीक नेटवर्क में उनकी भूमिका और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।