मंत्री महेश जोशी के साथ रोहित जोशी।
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दुष्कर्म के आरोप में घिरे राजस्थान के मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी को दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी। होईकोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के दौरान रोहित की अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है। साथ ही जमानत निरस्त करने को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई टाल दी है। होईकोर्ट के आदेश के अनुसार अब इस याचिका पर 11 जनवरी 2023 को सुनवाई होगी।
दरअसल, दुष्कर्म के मामले में फंसे रोहित जोशी को दिल्ली की तीस हाजरी कोर्ट ने आठ जून को अग्रिम जमानत दी थी। जिसके खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता युवती ने होईकोर्ट में याचिका दायर की थी। युवती ने अपनी याचिका में कहा था कि 10 जुलाई को जयपुर में उसके भाई और पिता पर हमला किया गया।
इसे लेकर उसने 13 जुलाई को रामगंज पुलिस थाने में केस दर्ज कराया था। युवती ने कहा कि केस की जांच अभी अहम मोड़ पर है, ऐसे में आरोपी रोहित जोशी को अग्रिम जमानत देना ठीक नहीं है। वहीं याचिका के खिलाफ रोहित ने एक बार फिर अपने जवाब को दोहराया। उसने कहा कि उसके ऊपर लगाए गए दुष्कर्म के आरोप सही नहीं हैं। शनिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए होईकोर्ट रोहित की अग्रिम जमानत बरकरार रखी। साथ ही याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 11 जनवरी 2023 दे दी।
जानें क्या है मामला?
आठ मई को जयपुर की रहने वाली एक 23 साल की युवती ने मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। उसने बताया कि आरोपी रोहित ने नशीली दवा पिलाकर उसके साथ सवाई माधोपुर में दुष्कर्म किया और फिर अश्लील फोटो और वीडियो बना लिया। इसके बाद शादी का वादा कर लगातार दुष्कर्म करता रहा। गर्भवती होने पर उसके साथ मारपीट की और गर्भपात भी करा दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत दिल्ली के सदर थाना इलाके में की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।