जोजरी नदी प्रदूषण मामले में पुलिस का शिकंजा तेज
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जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने के मामले में पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर छह और उद्यमियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों को आज अदालत में पेश करेगी। इससे पहले पुलिस 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब तक इस मामले में कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित
जोजरी सहित अन्य नदियों में बढ़ते प्रदूषण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। सर्वोच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 29 मई को ट्रस्ट के तत्कालीन 18 पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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18 नामजद आरोपियों में एक की गिरफ्तारी बाकी
पुलिस इस मामले में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के प्रबंध निदेशक जसराज बोथरा, कार्यकारी निदेशक नीलेश संचेती, कोषाध्यक्ष सांगसिंह परिहार, ट्रस्टी सुरेश खेमानी और सुपरवाइजर गोपाल सहित 17 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। नामजद 18 पदाधिकारियों में से केवल वरुण धनाडिया की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
306 फैक्ट्रियां कराई जा चुकी हैं बंद
पूरे मामले में 27 मई को सर्वोच्च न्यायालय की उच्चस्तरीय समिति ने सांगरिया स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट पर रात दो बजे छापा मारा था। इस दौरान वहां चार किलोमीटर लंबी अवैध पाइपलाइन बिछी मिली थी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 29 मई को 306 फैक्ट्रियां बंद कराई गईं। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तत्कालीन क्षेत्रीय अधिकारी कामिनी सोनगरा सहित तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया था।