राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट समेत उनके गुट के 19 विधायकों को नोटिस भेजा है। मामला विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के नोटिस को चुनौती देने से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट की जयपुर खंडपीठ ने पायलट गुट से पूछा है कि विधानसभा स्पीकर की ओर से उन्हें नोटिस देने के मामले में लंबित याचिका को खारिज करवाने के लिए पेश अर्जी पर उनका क्या कहना है?
कार्यवाहक सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने पीआर मीणा और मोहनलाल नामा की याचिका पर सुनवाई किया। इस सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया गया है। मोहनलाल नामा की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी ने कहा कि दोनों पक्षों में राजनीतिक समझौता हो गया है।
इसके अलावा याचिकाकर्ता पीआर मीणा सहित अन्य विधानसभा में विश्वास मत के समर्थन में अपना वोट दे चुके हैं। ऐसे में उनकी विधानसभा और कांग्रेस में सदस्यता बरकरार रखने की प्रार्थना भी एक तरह से मंजूर हो चुकी है। इसलिए अब याचिका लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। याचिका को न्याय हित में खारिज की जाए।
वहीं पीआर मीणा की ओर से कहा गया कि उनकी ओर से मामले में पक्ष रखा जाएगा। सचिन पायलट सहित अन्य विधायकों की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें मामले में पक्ष रखने के लिए विधायकों की ओर से कोई निर्देश प्राप्त नहीं है। इस पर अदालत ने पीआर मीणा के अलावा अन्य विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 25 मई को रखी है।