हनुमानगढ़ के एक पेट्रोल पंप पर गुरुवार रात उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब गाड़ी में कम तेल डाला गया। ग्राहक ने इसको लेकर जमकर हंगामा किया। हालांकि, पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
देश की जनता इस वक्त महंगाई की दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। वहीं, दूसरी ओर पेट्रोल पंप मालिक तेल कम देकर लोगों की जेब काट रहे हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ में ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। एक पेट्रोल पंप पर कम तेल देने का मामला सामने आया है। 35 लीटर की टंकी में 43 लीटर पेट्रोल डालने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ ।
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दरअसल, हनुमानगढ़ टाउन के चिमनलाल पेट्रोल पंप पर रात एक ग्राहक अपनी कार में पेट्रोल डलवाने पहुंचा, उसने कार की टंकी फुल करने को कहा , पेट्रोल डालने वाले ने टंकी फुल होने का दावा किया, लेकिन ग्राहक को शक हुआ कि तेल कम डाला गया है। ग्राहक ने बताया कि उसकी कार में 5 लीटर तेल पहले से था और बाद में उसने 43 लीटर तेल डालने की बात कही, जबकि इस गाड़ी की तेल टंकी इतनी बड़ी नहीं है कि उसमें 48 लीटर तेल आ जाए, जब कार चालक ने हंगामा किया तो वहां भीड़ जुट गई। लोगों ने भी कार चालक का समर्थन किया।
पुलिस की समझाइश के बाद हंगामा हुआ शांत
इतना ही नहीं सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई गाड़ी में तेल चेक करवाया गया तो तेल कम निकला, जिसके बाद तो ग्राहक ने जमकर हंगामा किया। हालांकि, पुलिस ने ग्राहक को शांत किया। थोड़ी देर बाद ग्हारक ने पेट्रोल पंप संचालक पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाने को कहा और पैसे को गुरुद्वारे में देने का फैसला किया। पहले तो पेट्रोल पंप संचालक मान गया, लेकिन बाद में वह इतनी राशि देने से इनकार कर दिया। पंप संचालक ने 21 हजार रुपये दान देने की बात कही, संचालक का कहना है कि वह इतनी बड़ी राशि को दान नहीं कर सकता। जिसपर स्थानीय लोगों का हंगामा और बढ़ गया। लोगों ने कहा कि आम आदमी के साथ यह धोखा है। वहीं, पुलिस की समझाइश के बाद हंगामा शांत हुआ।