राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य में पेट्रोल और डीजल से वैट हटाने पर राजी हो गए हैं। गहलोत ने मंगलवार को कहा कि हमारी सरकार अन्य राज्यों की तरह यहां भी पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाएगी। इस घोषणा के कुछ घंटों पहले ही गहलोत ने कोविड महामारी के चलते फंड की कमी का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर से एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) को और कम करने की गुहार लगाई थी।
केंद्र ने घटाए थे दाम
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद आम आदमी को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने तीन नवंबर को पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में क्रमश: पांच और 10 रुपये कम किए थे। इसके अलावा कई राज्यों समेत कांग्रेस शासित पंजाब में भी इनकी कीमतों पर वैट में कमी की गई थी। इसके बाद से ही राजस्थान सरकार पर भी इसे लेकर दबाव था।
इस मुद्दे पर सियासत तब और गहरा गई थी जब पंजाब सरकार ने एक विज्ञापन में दावा किया था कि यहां ईंधन की कीमतें दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से कम हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के एक गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब सभी राज्यों ने कीमतें कम कर दी हैं तो हमें भी इनमें कटौती करनी होगी।
गहलोत ने कहा, 'हमारी सरकार भी पेट्रोल और डीजल पर वैट में कमी करके राज्य में आम आदमी को राहत देगी।' हालांकि, पेट्रोल और डीजल के दामों में तेजी को लेकर केंद्र को जिम्मेदार ठहराते हुए गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने ईंधन पर बड़े कर लगाकर लोगों को लूटा है और अब वह छोटी सी राहत दे रहे हैं। उन्हें एक्साइज ड्यूटी में और कमी करनी चाहिए।