राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी में अपने सियासी विरोधियों से निपटने के लिए खास योजना बनाई है। वसुंधरा नेता प्रतिपक्ष के गढ़ मेवाड़ से 23 नवंबर से हेलिकॉप्टर के जरिए यात्रा शुरू कर रही हैं। तीन दिन पहले ही गुलाबचंद कटारिया ने वसुंधरा राजे पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि स्टार प्रचारक होने के बावजूद ने पिछले तीन उपचुनाव में कहां थीं।
चर्चा में मेवाड़ दौरा
इसके बाद ही वसुंधरा का मेवाड़ दौरा राजनीतिक चर्चा में आ गया है। इसे वसुंधरा का विधानसभा चुनाव 2023 के लिए चुनावी शंखनाद भी माना जा रहा है। वसुंधरा ने 2018 विधानसभा चुनाव से पहले भी मेवाड़ से सुराज गौरव यात्रा निकाली थी।
वसुंधरा राजे एक बार फिर अपने चिर परिचित अंदाज में धार्मिक और सामाजिक यात्रा के साथ मैदान में उतरने जा रही हैं। उपचुनाव में हार के लिए राजे का नाम लेकर निशाना साधने वाले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के ही मेवाड़ क्षेत्र में राजे ने 23 से 25 नवंबर को बड़ी यात्रा की योजना बनाकर सियासी जवाब देने की तैयारी कर ली है। वे चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा जिलों में मंदिरों के दर्शन करेंगी और दिवंगत जनप्रतिनिधियों के घर संवेदना भी जताने जाएंगी।
सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन से यात्रा होगी शुरू
वसुंधरा राजे की मेवाड़ यात्रा 23 नवंबर को सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन से शुरू होगी। वह धरियावाड के दिवंगत विधायक गौतम मीणा के घर शोक संवेदना जताने भी जाएंगी। मेवाड़ में हाल ही दो विधानसभा सीटें वल्लभनगर और धरियावाड में हुए उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद सियासी सरगर्मी तेज हैं। उदयपुर संभाग से ही आने वाले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया खुद वसुंधरा राजे का नाम लेकर उन पर पिछले उपचुनावों से नदारद रहने के आरोप लगा चुके हैं।