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राजस्थान: पुलिस पर दबाव से लेकर परिसीमन में धांधली तक…पूर्व सीएम गहलोत ने भजनलाल सरकार पर लगाए आरोप; क्या कहा?

Sun, 18 Oct 2026 04:10 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनावों के परिसीमन में धांधली और पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदेश में सूखे की गंभीर स्थिति बताते हुए गिरदावरी पूरी कर अकाल राहत शुरू करने और केंद्र से सहायता मांगने की मांग की।

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अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनावों में पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग और परिसीमन में धांधली के आरोप लगाए हैं। जयपुर स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन परिसीमन में बेईमानी और पुलिस की गुंडागर्दी बेहद चिंताजनक है।

गहलोत ने दावा किया कि पुलिस अधिकारी खुद मान रहे हैं कि उन पर भारी दबाव था और मुख्यमंत्री कार्यालय से रोजाना निगरानी की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधीक्षकों और जिलाधिकारियों को बुलाकर निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में गहराते अकाल और सूखे के संकट से निपटने में राज्य सरकार की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

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परिसीमन में धांधली और पंचायत चुनावों की तैयारी
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि निकाय चुनावों के परिसीमन में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर बेईमानी की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी ने छह महीने तक ओटीएस में बैठकर परिसीमन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इससे वार्डों में मतदाताओं की संख्या का संतुलन बिगड़ गया है। गहलोत के मुताबिक, प्रदेश में कहीं एक वार्ड में केवल 85 मतदाता हैं, तो कहीं 250 मतदाता हैं। वहीं, कुछ वार्डों में मतदाताओं की संख्या 5,000, 10,000 और 20,000 तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

आगामी पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए गहलोत ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संभाग, जिला और विधानसभा स्तर पर कमेटियां गठित कर पर्यवेक्षक तैनात कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। गहलोत ने आरोप लगाया कि पंचायतों के परिसीमन में भी बेईमानी की गई है और बाड़ेबंदी की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि जनता सही समय आने पर सरकार को करारा जवाब देगी।

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प्रदेश में भयंकर अकाल और सूखे का संकट
अकाल राहत के हालात का जायजा लेने जैसलमेर रवाना होने से पहले गहलोत ने प्रदेश में सूखे की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पड़े भयंकर अकाल और सूखे का वर्तमान सरकार को अहसास तक नहीं है।

उन्होंने बताया कि बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में स्थिति बेहद गंभीर है। जैसलमेर क्षेत्र में चारे की कमी के कारण हजारों गायों की मौत हो चुकी है। बाजार में चारा 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है।

गहलोत ने कहा कि पूरे उत्तर भारत, विशेषकर राजस्थान में जल स्रोत और बांध खाली पड़े हैं। इससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री अपने क्षेत्रों का दौरा कर हालात की निगरानी कर रहे हैं, जबकि राजस्थान सरकार इस संकट को लेकर बेखबर बैठी है।केंद्र से सहायता

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और अकाल राहत शुरू करने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से जल्द गिरदावरी पूरी करवाकर अकाल राहत कार्य शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे भाषण देने से अकाल की विभीषिका से नहीं निपटा जा सकता। यदि मुख्यमंत्री स्तर पर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।

गहलोत ने सुझाव दिया कि राज्य की 'डबल इंजन' सरकार को तत्काल केंद्र से संपर्क कर वित्तीय और खाद्यान्न सहायता मांगनी चाहिए। अपने पिछले कार्यकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलकर उन्होंने प्रदेश के लिए मदद हासिल की थी। उस दौरान 'काम के बदले अनाज' जैसी योजना के जरिए अकाल का प्रबंधन किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को भी इसी गंभीरता के साथ संकट से निपटना चाहिए।

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