दीपक कड़वासरा और प्रियंका चौधरी।
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बाड़मेर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार रविवार देर रात को अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करते हुए दीपक कड़वासरा को प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा की छठी लिस्ट सामने आने के बाद बाड़मेर से दावेदारी कर रही प्रियंका चौधरी ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। प्रियंका चौधरी दिग्गज जाट नेता एवं पूर्व मंत्री रहे गंगाराम चौधरी की पौत्री हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व राज्यपाल सतपाल मलिक के साथ पारिवारिक रिश्तों के चलते प्रियंका चौधरी की टिकट काटी गई है और उनकी जगह बाड़मेर विधानसभा से पहली बार भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने वाले विधायक तगाराम चौधरी के पौत्र दीपक कड़वासरा पर भरोसा जताते हुए बाड़मेर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है। प्रियंका चौधरी निर्दलीय नामांकन के आयोजित जनसभा में बार-बार भावुक होती हुई नजर आईं।
इस दौरान उन्होंने आम जनता से चुनाव में वोट रूपी धन देकर मायरा(भात) भाइयों द्वारा बहन को दिया जाने वाला सहयोग देने की अपील की। प्रियंका चौधरी ने अपने दादा गंगाराम चौधरी पर दादा रामधन चौधरी के सिद्धांतों की बात कहते हुए कहा कि यह चुनाव उनके लिए परीक्षा की घड़ी है। इस चुनाव में आप सभी से सहयोग की उम्मीद है इस चुनाव में उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहकर चुनाव लड़ने की अपील की।
भाजपा कांग्रेस आरएलपी और निर्दलीय के चलते रोचक हुआ मुकाबला
बाड़मेर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने एक बार फिर लगातार तीन बार से विधायक एवं राजस्थान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष मेवाराम जैन पर भरोसा जताते हुए चौथी बार मैदान में उतारा है तो भाजपा ने पूर्व विधायक के पुत्र दीपक कड़वासरा को टिकट दिया। दीपक कड़वासरा को टिकट देने के बाद भाजपा से टिकट की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली और 2013 में प्रत्याशी रही प्रियंका चौधरी ने बगावत का बिगुल फूंकते हुए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है और इन तीनों के अलावा हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी जोगाराम डूडी को मैदान में उतारा है जिसके चलते बाड़मेर विधानसभा सीट पर इस बार बेहद रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।