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Rajasthan Election: क्या है मुस्लिमों के मन में? केंद्र के वादों और गहलोत की योजनाओं से कितना खुश है ये समाज

अमित शर्मा
Updated Wed, 22 Nov 2023 02:57 PM IST

सार

Rajasthan Election: मुस्लिम समाज के मन में क्या चल रहा है और आज की सरकारों से उनके क्या सवाल हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने पोकरण के 'मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम' का दौरा किया। मदरसे के रहमतुल्लाह ने अमर उजाला को बताया कि उनके विधायक शाले मोहम्मद का कामकाज काफी अच्छा रहा है...
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Rajasthan Election - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

मुस्लिम मतदाता राजस्थान की 40 विधानसभा सीटों का भाग्य तय करते हैं, जिनमें से 33 सीटों पर इस समय कांग्रेस काबिज है। यदि उसे सत्ता में वापसी करनी है, तो उसे इन सीटों पर एक बार फिर बढ़त बनानी होगी। अशोक गहलोत सरकार ने मुस्लिम समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत भी की है। उसे इसका लाभ मिल सकता है। भाजपा ने भी मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। केंद्र सरकार की पसमांदा समुदाय को केंद्र में रखकर की गई पहल उसे लाभ पहुंचा सकती है। हालांकि, पोकरण के मुसलमानों से बात करने के बाद पता चलता है कि केंद्र के वादों को मुस्लिम समाज शंका की दृष्टि से देख रहा है।


 

मुस्लिम समाज के मन में क्या चल रहा है और आज की सरकारों से उनके क्या सवाल हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने पोकरण के 'मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम' का दौरा किया। मदरसे के रहमतुल्लाह ने अमर उजाला को बताया कि उनके विधायक शाले मोहम्मद का कामकाज काफी अच्छा रहा है। वे बिना किसी भेदभाव के हर समाज को साथ लेकर चलते रहे हैं। उन्होंने अपनी विधानसभा में स्कूल-कॉलेज बनवाकर विकास को नए पंख दिए हैं।

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Rajasthan Election - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

मुस्लिम मतदाता राजस्थान की 40 विधानसभा सीटों का भाग्य तय करते हैं, जिनमें से 33 सीटों पर इस समय कांग्रेस काबिज है। यदि उसे सत्ता में वापसी करनी है, तो उसे इन सीटों पर एक बार फिर बढ़त बनानी होगी। अशोक गहलोत सरकार ने मुस्लिम समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत भी की है। उसे इसका लाभ मिल सकता है। भाजपा ने भी मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। केंद्र सरकार की पसमांदा समुदाय को केंद्र में रखकर की गई पहल उसे लाभ पहुंचा सकती है। हालांकि, पोकरण के मुसलमानों से बात करने के बाद पता चलता है कि केंद्र के वादों को मुस्लिम समाज शंका की दृष्टि से देख रहा है।


 

मुस्लिम समाज के मन में क्या चल रहा है और आज की सरकारों से उनके क्या सवाल हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने पोकरण के 'मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम' का दौरा किया। मदरसे के रहमतुल्लाह ने अमर उजाला को बताया कि उनके विधायक शाले मोहम्मद का कामकाज काफी अच्छा रहा है। वे बिना किसी भेदभाव के हर समाज को साथ लेकर चलते रहे हैं। उन्होंने अपनी विधानसभा में स्कूल-कॉलेज बनवाकर विकास को नए पंख दिए हैं।

Rajasthan Election: मदरसा शिक्षकों से राजस्थान के चुनाव पर बात - फोटो : Amar Ujala

फ़जलुद्दीन ने कहा कि देश की आज़ादी के बाद किसी एक सरकार के कार्यकाल में पहली बार इतना काम हुआ है। गहलोत सरकार के कामकाज से सबसे गरीब तबकों को लाभ मिला है। लोगों को महंगाई से राहत देने, स्वास्थ्य योजनाओं से इलाज कराने और शिक्षा प्राप्त करने के अवसर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसी तरह की सरकार होनी चाहिए, जो बिना किसी भेदभाव के सबको साथ लेकर चल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिम समुदाय को भी साथ लेकर आगे चलने की बात करते हैं। क्या मुस्लिम समुदाय को प्रधानमंत्री की इस बात पर भरोसा है? अमर उजाला के इस प्रश्न पर मदरसे के युवा शिक्षक मोहम्मद अमीन कहते हैं कि यदि देश के प्रधानमंत्री सभी को साथ लेकर आगे चलने की बात करते हैं, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। लेकिन यह बात केवल बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। फ़जलुद्दीन कहते हैं कि पीएम मोदी मुसलमानों के एक हाथ में कम्प्यूटर और दूसरे हाथ में कुरान रखने की बात करते हैं लेकिन केंद्र की किसी योजना में यह सोच दिखाई नहीं देती है। भाजपा को मुसलमान लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। लेकिन राजस्थान की 200 सीटों को एक पर भी किसी मुस्लिम उम्मीदवार को अवसर न देने से कथनी और करनी का अंतर साफ दिखाई पड़ता है।

मीर खां दर्श ने कहा कि किसी भी सरकार को समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना चाहिए। अशोक गहलोत की सरकार सबको साथ लेकर चलती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी जब योजनाएं लागू करती है, तो उससे सबको लाभ मिलता है, लेकिन बात केवल योजनाओं के लाभ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सरकारों का कर्तव्य समाज का निर्माण करना भी है और इसके लिए सबको साथ लाने की कोशिश की जानी चाहिए। बड़े नेताओं को ऐसी किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए, जो समाज के एक वर्ग को एक दूसरे से दूर करे।

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