दौसा के बांदीकुई विधानसभा सीट से कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी नहीं बनाए पर शैलेंद्र जोशी अब अपनी ही पार्टी पर सामान्य वर्ग को अनदेखा करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, दौसा में कांग्रेस ने सामान्य वर्ग के 3.15 लाख मतदाताओं को दरकिनार करते हुए तीन सामान्य सीटों पर सामान्य वर्ग की अनदेखी की है, जिसके चलते पूर्व मंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेंद्र जोशी दिल्ली में कांग्रेस के AICC दफ्तर के बाहर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे, यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी ने एआईसीसी कार्यालय दिल्ली के बाहर विरोध प्रदर्शन जताते हुए अपनी ही पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि कांग्रेस की कथनी और करनी फर्क़ हैं।
दिल्ली में मीडिया के सामने अपने समर्थकों के पूर्व मंत्री जोशी ने कहा कि दौसा जिले की पांच में से तीन विधानसभा की सीट सामान्य वर्ग के लिए है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने एक भी टिकट सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है, जिसके चलते सामान्य वर्ग की कांग्रेस ने और अनदेखी है। जोशी यही नहीं रुके उन्होंने तो यहां तक भी कहा कि ससंदीय क्षेत्र दौसा में भी सामान्य वर्ग की अनदेखी करते हुए कांग्रेस ने एक भी टिकट नहीं दिया है।
जोशी आगे बोले कहा कि सामान्य जाति कहां जाएंगी। सामान्य जाति के लोग लड़ और भिड़ तो नहीं सकते। लेकिन निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। शैलेंद्र जोशी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमें भाजपा की ओर क्यों धकेल रही है और वो कांग्रेस के साथ ही रहना चाहते। लेकिन अब सामान्य जाति के उम्मीदवार को सामान्य विधानसभा सीट पर टिकट दिया जाए। अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शैलेंद्र जोशी ने कहा कि जब टिकट इन्हीं लोगों को देने थे तो और लोगों के नाम पर मैराथन दौड़ क्यों करवाई गई।
जोशी ने कहा कि हम कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से बात कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि रिओपन होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिले दौसा जिले की सामान्य बांदीकुई, दौसा और महुवा सीट प्रभावित होगी। जोशी का दावा है कि दौसा जिले में तीन लाख से ज्यादा सामान्य वर्ग के मतदाता हैं।
शैलेंद्र जोशी बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1993 व 1998 में लगातार दो बाद कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव जीते थे। वर्ष 2003 में उन्हें बसपा प्रत्याशी मुरारीलाल मीना ने हार का रास्ता दिखाया था। उसके बाद जोशी ने 2008 में भाजपा के टिकट पर व 2013 में राजपा से चुनाव लड़ा। लेकिन दोनों बार चुनाव हार गए, साल 2018 फिर से कांग्रेस में लौट आए। पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी ने एआईसीसी के दिल्ली कार्यालय पर विरोध दर्ज करवाते हुए कहा कि सर्वे के नाम पर बार-बार नाटक क्यों किया गया। अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस के कार्यालय पहुंचे जोशी की बात को अब पार्टी में कितना सुना जाएगा या फिर नहीं, यह सब आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन जोशी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।