पुलिस ने महिलाओं को इस तरह खींचकर बाहर निकाला।
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राजस्थान के नगौर जिले में कांग्रेस विधायक रामनिवास गावड़िया का विरोध करने पहुंची महिलाओं के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की की। इसके बाद भी महिलाएं पीछे नहीं हटीं तो पुलिस ने उन्हें खींचकर सभास्थल से बाहर निकाल दिया। ये मामला
जिले के बिदियाद गांव का है। विधायक गावड़िया गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान दो दलित युवकों की बोलेरो से कुचलकर की गई हत्या से नाराज महिलाएं विरोध करने वहां आ गईं।
सबसे पहले जानिए क्यों विरोध करने पहुंची महिलाएं
पिछले महीने नागौर जिले के बिदियाद गांव के रहने वाले दो दलित युवकों राजूराम और चुन्नीलाल की राणासर में बोलेरो कैंपर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। एक होटल में हुई कहासुनी के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया था। हत्या के बाद दलित समाज के लोग 10 दिन तक धरने पर बैठे रहे। लेकिन, कांग्रेस के डीडवाना विधायक चेतन डूडी, नावां विधायक महेंद्र चौधरी और परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया उनसे मिलने नहीं गए। इसके बाद से दलित समाज में उनके खिलाफ नाराजगी है।
उद्घाटन को पहुंचे कांग्रेस विधायक को महिलाओं ने दिखाए काले झंडे
शनिवार को कांग्रेस विधायक रामनिवास गावड़िया बिदियाद गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान दलित समाज की महिलाएं भी काले झंडे लेकर वहां आ गईं। विधायक को काले झंडे दिखाते हुए महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। ये देख वहां मौजूद पुलिस ने पीड़ित महिलाओं को खींचकर सभास्थल से बाहर निकाल दिया। साथ ही आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। मामले को लेकर विधायक रामनिवास गावड़िया ने कहा- घटना से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। विरोधी कार्यक्रम से पहले ही माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे।