केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
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राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच पिछले एक साल जुबानी जंग चल रही है। ये जुबानी जंग कोर्ट में भी है। शोखावत ने गहलोत के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर रखा है। अब इसे लेकर शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत अगर, सार्वजानिक माफी मांगते है तो मैं केस को लेकर विचार कर सकता हूं। मुख्यमंत्री मेरे से बड़े है और मेरे गृह क्षेत्र के सम्मानीय नेता हैं। वे माफी मांगते है तो मुझे भी विचार करना चाहिए।
दरअसल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में केंदीय मंत्री शेखावत को संजीवनी घोटाले का दोषी बताया था, इतना ही नहीं गहलोत ने शेखावत के पूरे परिवार को भी इसमें शमिल किया था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद शेखावत ने मानहानि का केस दर्ज करने की बात भी कही थी। जिसके बाद उन्होंने दिल्ली की एक कोर्ट में केस दायर किया था। इससे बाद से गातार दोनों नेता ERCP समेत अन्य मुद्दों को लेकर एक दूसरे के हमला बोलते रहते हैं। गहलोत शेखावत को नाकारा और निकम्मा तक कह चुके हैं।
राजनीतिक जानकर कहते हैं कि दोनों नेताओं के बीच तकरार वजह उनका एक ही जिले जोधपुर से होना है। जिस रफ्तार से शेखावत का कद बड़ा है ये मुख्यमंत्री को खासा रास नहीं आया। जिसके चलते दोनों नेताओं के बीच की तल्खी बढ़ती चली गई।
इधर, चर्चा है कि शेखावत का माफी वाला बयान सोच-समझकर दिया गया है। क्योंकि चर्चा है कि भाजपा शेखावत को सरदारपुरा से चुनाव लड़ा सकती है। इसी सीट से मुख्यमंत्री भी चुनाव लड़ते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को उकसाने के लिए शेखावत ने ये बयान दिया है।