राजस्थान कांग्रेस के प्रत्याशियों की पहली सूची आते-आते अटक गई। सूची का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन, इससे पहले कांग्रेस नेताओं के बयान खूब सामने आ रहे हैं। सीएम अशोक गहलोत के बाद अब पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है।
दौसा में मीडिया से बात करते हुए पायलट ने टिकट बंटवारे को लेकर कहा- पिछले साल जो घटनाक्रम हुआ था, उसमें कुछ लोगों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे। लेकिन, जीतने वाले सभी दावेदारों के प्रस्ताव का उन्होंने खुले मन से स्वागत किया है। उस समय किसी ने भी सोनिया गांधी की अवमानना की हो। फिर भी मैंने कहा- जो पार्टी के हित में है, उसे टिकट मिलना चाहिए। मैंने किसी भी दावेदार का विरोध नहीं किया है। अब इससे बड़ा प्यार मोहब्बत का प्रमाण नहीं हो सकता।
पायलट ने कहा- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कह चुके हैं कि हमारे बीच की मिसाल बन चुकी है। वहीं, मुख्यमंत्री पद को लेकर पायलट ने कहा कि चुनाव के बाद सभी मिलकर तय करेंगे कि सीएम कौन होगा।
बता दें कि इससे पहले गुरुवार को सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि उन्होंने सचिन पायलट गुट के एक भी विधायक का विरोध नहीं किया है। सभी को टिकट मिल रहा है। पायलट के इस बयान को सीएम गलहोत की बात का जवाब माना जा रहा है।
विस्तार से जानिए सीएम अशोक गहलोत ने क्या कहा था?
प्रदेश में चौथी बार सीएम बनने के सवाल पर गहलोत ने कहा कि मैं सीएम पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा है और शायद छोड़ेगा भी नहीं। उन्होंने कहा कि कुछ तो कारण होंगे कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मुझे बार-बार सीएम बना रहे हैं।
सीएम के खिलाफ कोई आरोप नहीं
प्रदेश में एंटीइनमबेंसी के चलते टिकट काटे जाने के सवाल पर गहलोत ने कहा सीएम के खिलाफ कोई आरोप नहीं है। विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और एंटीइनकमबेंसी भी है, लेकिन टिकट तब कटते हैं, जब वहां विकल्प हों। मैंने एक बात कही कि सरकारें बदलने का भाजपा ने नया मॉडल अपनाया है यह बहुत खतरनाक है। अरुणाचल प्रदेश के सीएम को तो इसके चलते आत्महत्या तक करनी पड़ी।
पायलट पर बोले- उनके टिकटों पर कोई आपत्ति नहीं
सचिन पायलट से विवादों के सवाल पर गहलोत ने गुगली फेंकी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को तकलीफ ही यही हो रही है कि इनके बीच झगड़े क्यों नहीं हो रहे हैं। गहलोत बोले कि मैं उनके फैसलों में भागीदार बन रहा हूं। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ जीत क्राइटेरिया है बाकी सब हम भूल चुके हैं। उनके साथ जो गए थे उनके टिकट सब क्लीयर हो रहे हैं। एक टिकट पर भी मैंने ऑब्जेक्शन नहीं किया।
ईडी के छापों पर बोले- केंद्रीय मंत्री की जांच क्यों नहीं
प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद ईडी की कार्रवाई को लेकर भी सीएम अशोक गहलोत ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत संजीवनी घोटाले के आरोपी उनकी जांच क्यों नहीं की जा रही। गहलोत बोले, यहां के सांसद ईडी के ऑफिस में जाकर झूंठी शिकायत करते हैं और उनके कहने पर ईडी कार्रवाई के लिए आ जाती है। सांसद किरोड़ी ने तूफान मचा दिया कि लॉकर में 500 करोड़ रुपये पड़े हैं, ईडी वहां पहुंच गई।