ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाशनाथ दाधीच।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को भाजपा ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। इसमें 41 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषिणा की गई। लेकिन, पितृपक्ष में जारी की गई भाजपा की इस सूची को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। तीर्थनगरी पुष्कर में भी इसे लेकर चर्चा हो रही है। ज्योतिषाचार्य और पंडितों का कहना है कि भाजपा को पितृपक्ष की बजाय नवरात्रि में सूची जारी करनी चाहिए थी।
इसे लेकर पुष्कर के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाशनाथ दाधीच ने कहा- हिंदू कलेंडर और शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में किसी भी नए काम की शुरुआत करना या शुभ काम करना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में अब भाजपा के प्रदर्शन पर इसका बिपरीत असर पड़ सकता है। विशेषकर जिन 41 प्रत्याशियों के नाम सूची में हैं, उन्हें बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। अपने विधानसभा क्षेत्र में विरोध झेलना पड़ सकता है। साथ ही अंदरूनी कलह और भीतरघात का भी सामना कर पड़ सकता है।
2018 में 41 में से 39 सीटों पर हारी थी भाजपा
भाजपा ने जिन 41 उम्मीदवारों की सूची जारी है। उनमें से 39 विधानसभा सीटों पर उसे 2018 में हार का समाना करना पड़ा था। ऐसे में उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार को समय देने के लिए भाजपा ने आचार संहिता लगते ही पहली सूची जारी कर दी।
कांग्रेस नवरात्र में कर सकती है सूची जारी
राजस्थान कांग्रेस की ओर से अब तक एक भी सूची जारी नहीं की गई है। मंगलवार को सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 18 अक्तूबर तक नाम फाइनल हो सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस नवरात्र की शुरुआत के बाद कभी भी अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान कर सकती है।
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