फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Election 2023: 4.5 साल बाद चित्तौड़गढ़ आए PM मोदी, जानिए क्या है मेवाड़-वागड़ का सियासी गणित

Mon, 02 Oct 2023 03:58 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़

सार

Rajasthan Election 2023: एक कहावत है 'जिसने मेवाड़ को जीत लिया, उसने राजस्थान जीत लिया' राजनीति में राजस्थान को लेकर ये बात काफी मशहूर है। शायद, यही वजह है कि चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस दोनों ही पार्टियों का इस क्षेत्र पर विशेष फोकस रहता है। आइए, जानते हैं इस सियासी संभाग का गणित...। 
विज्ञापन
पीएम मोदी के दौरे के मायने। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Rajasthan Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ दौरे पर रहे।  4.5 साल बाद पीएम मोदी चित्तौड़गढ़ आए। इससे पहले वे 2019 में यहां आए थे। चित्तौड़गढ़ राजस्थान के मेवाड़ इलाके का हिस्सा और ये उदयपुर संभाग में आता है। इसमें बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, राजसमंद, उदयपुर और प्रतापगढ़ समेत छह जिले शामिल हैं। आइए, अब मेवाड़-वागड़ के सियासी गणित को समझते हैं...। 
विज्ञापन


एक कहावत है 'जिसने मेवाड़ को जीत लिया, उसने राजस्थान जीत लिया' राजनीति में राजस्थान को लेकर ये बात काफी मशहूर है। शायद, यही वजह है कि चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस दोनों ही पार्टियों का इस क्षेत्र पर विशेष फोकस रहता है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों ही दलों ने अपनी सक्रियता यहां बढ़ा दी है। आज पीएम मोदी के दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने यहां सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन कर मेवाड़-वागड़ संभाग को 7 हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी।   

जानिए, मेवाड़-वागड़ संभाग का सियासी गणित
मेवाड़-वागड़ संभाग में 28 विधानसभा सीटें हैं। 2018 के चुनाव में 28 में से 15 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। 10 सीटों पर कांग्रेस और 3 पर अन्य को जीत मिली थी। चुनाव से पहले पीएम मोदी और भाजपा ने एक बार फिर मेवाड़-वागड़ संभाग की जनता को साधने का प्रयास किया है। 7 हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात का असर भी आने वाले चुनाव में देखने को मिल सकता है। 
विज्ञापन


2018 से पहले तक थी ये परंपरा
मेवाड़-वागड़ को लेकर कहा जाता है कि चुनाव में वही पार्टी सत्ता में आती है जिसने इस संभाग में जीत हासिल की हो। साल 2018 के अलावा पिछले चुनाव परिणामों पर नजर डाले को ये बात आंकड़ों में भी सही साबित होती है। आइए, अब एक नजर डालते हैं पिछले चुनाव परिणामों पर...।   
  • विधानसभा चुनाव 2018:  इस चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ की ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी भाजपा सरकार नहीं बना पाई। भाजपा ने यहां 15 और कांग्रेस को 10 सीटें जीतीं। मेवाड़ से कम सीटें जीतने के बाद भी कांग्रेस की सरकार बनी। 
  • विधानसभा चुनाव 2013: इस चुनाव में भाजपा ने 28 में से 25 सीटें जीतें। कांग्रेस के खाते में सिर्फ दो सीटें आईं। भाजपा ने सरकार बनाई। 
  • विधानसभा चुनाव 2008:  कांग्रेस ने 19 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को सिर्फ 7 सीटें जीतकर संतोष करना पड़ा। 
  • विधानसभा चुनाव 2008: भाजपा ने 25 में से 18 सीटें जीतकर सरकार बनाई, कांग्रेस को महज 5 सीटें मिली। परिसीमन से पहले मेवाड़ में 25 विधानसभा सीटें थीं। अब इनकी संख्या 28 हो गई है। 
विज्ञापन

 चुनाव से पहले गहलोत ने मानी हार, PM मोदी की चित्तौड़गढ़ सभा की बड़ी बातें; एक क्लिक पर पढ़ें...
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें