राजस्थान में चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 9 नवंबर को पूरी हुई, जिसके साथ चुनावी प्रचार भी शुरू हो गया था। लेकिन, दिवाली के कारण प्रचार को गति 15 नवंबर से मिली। पिछले 9 दिन के में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय नेताओं के दौरे हुए और इन नेताओं ने प्रदेश के लगभग हर हिस्से में जाकर सभाएं, रोड शो और प्रेस वार्ता की।
सीएम योगी की 20 से ज्यादा सभाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले 15 नवंबर को मध्य प्रदेश में प्रचार समाप्त होने के साथ ही राजस्थान के उदयपुर में आए और सभा की। पीएम मोदी ने 18 से 23 नवंबर तक हर दिन राजस्थान का दौरा किया। उन्होंने जयपुर और बीकानेर में रोड शो किए। प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को भी वे राजसमंद जिले के देवगढ़ में पहुंचे और सभा को संबोधित किया। भाजपा के दूसरे सबसे बड़े स्टार प्रचारक गृह मंत्री अमित शाह भी इस दौरान लगातार राजस्थान बने रहे और 10 से ज्यादा सभाओं को संबोधित किया। यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने 20 से ज्यादा सभाओं को संबोधित किया और बीते दिनों में लगातार राजस्थान के दौरे किए। प्रचार के अंतिम दिन भी योगी ने जयपुर में रोड शो और भरतपुर में सभा की थी। भाजपा के प्रत्याशियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बाद सबसे ज्यादा डिमांड योगी आदित्यनाथ की ही रही। इनके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, संजीव बालियान हरदीप पुरी, असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा भी राजस्थान में चुनाव प्रचार करते दिखे।
पूर्व सीएम राजे की 40 सभाएं
राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के बाद प्रदेश स्तर के नेताओं की बात करें तो सबसे ज्यादा सभाएं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करती नजर आई। अपने विधानसभा क्षेत्र झालरापाटन में नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद उन्होंने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 40 चुनावी सभाओं को संबोधित किया और लगभग पूरे प्रदेश का दौरा किया। वसुंधरा राजे के अलावा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और उप नेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया ने भी चुनावी सभा की।
कांग्रेस में राहुल, खड़गे, प्रियंका की सभाएं
कांग्रेस की बात करें तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ही मुख्य तौर पर सभाएं करते नजर आए। तीनों ने कुल मिलाकर करीब 20 दिन राजस्थान में कैंपेन किया। राहुल गांधी प्रचार के आखिरी सप्ताह में ही राजस्थान में सक्रिय नजर आए। उन्होंने यहां कुल 14 सभाएं की। वहीं, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने 9-9 सभाएं की। इन तीनों नेताओं के अलावा पार्टी के कई स्टार प्रचारक प्रदेश के दौरे पर रहे, इनमें केंद्रीय नेता आनंद शर्मा, भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, पवन खेड़ा और एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार शाहिद समेत अन्य नेता शामिल थे। लेकिन, ज्यादातर नेता प्रेस वार्ता तक ही सीमित रहे।
गहलोत की हर दिन तीन-चार सभाएं
प्रदेश स्तरीय नेताओं की बात की जाए तो प्रचार की कमान मुख्य तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथ में ही रही। उन्होंने हर दिन औसतन 3 से 4 सभाओं को संबोधित किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा स्वयं चुनाव लड़ने के कारण अपनी ही सीट पर फंसे रहे और एक दो जगह को छोड़कर कहीं नहीं जा पाए। सरकार के ज्यादातर मंत्री भी चुकी स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उनके भी दौरे दूसरी सीटों पर नहीं हुए।
प्रचार में छाए रहे यह मुद्दे
राजस्थान के चुनाव प्रचार में मुख्य तौर पर धार्मिक तुष्टिकरण, पेपर लीक, महिलाओं के साथ अपराध, लाल डायरी, सरकार की गारंटियां, जातिगत जनगणना, पीएम मोदी के उद्योगपतियों के साथ संबंध, केंद्र सरकार की पूंजीवादी नीतियां, योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर राज जैसे मुद्दे चुनाव प्रचार में छाए रहे।