2018 से पहले तक थी ये परंपरा
मेवाड़-वागड़ को लेकर कहा जाता है कि चुनाव में वही पार्टी सत्ता में आती है जिसने इस संभाग में जीत हासिल की हो। साल 2018 के अलावा पिछले चुनाव परिणामों पर नजर डाले को ये बात आंकड़ों में भी सही साबित होती है। आइए, अब एक नजर डालते हैं पिछले चुनाव परिणामों पर...।
- विधानसभा चुनाव 2018: इस चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ की ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी भाजपा सरकार नहीं बना पाई। भाजपा ने यहां 15 और कांग्रेस को 10 सीटें जीतीं। मेवाड़ से कम सीटें जीतने के बाद भी कांग्रेस की सरकार बनी।
- विधानसभा चुनाव 2013: इस चुनाव में भाजपा ने 28 में से 25 सीटें जीतें। कांग्रेस के खाते में सिर्फ दो सीटें आईं। भाजपा ने सरकार बनाई।
- विधानसभा चुनाव 2008: कांग्रेस ने 19 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को सिर्फ 7 सीटें जीतकर संतोष करना पड़ा।
- विधानसभा चुनाव 2003: भाजपा ने 25 में से 18 सीटें जीतकर सरकार बनाई, कांग्रेस को महज 5 सीटें मिली। परिसीमन से पहले मेवाड़ में 25 विधानसभा सीटें थीं। 2003 के चुनाव के बाद यहां सीटों की संख्या 28 हो गई थी।