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Rajasthan DigiFest 2022: 'महाविद्यालयों में बने आंत्रप्रेन्योरशिप सेल, युवाओं को दी जाए स्टार्ट अप की जानकारी'

Sat, 20 Aug 2022 09:45 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan DigiFest 2022: नो ब्रोकर के संस्थापक अखिल गुप्ता ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने जीने की राह आसान कर दी है। पहले कोई नहीं सोच सकता था कि इंटरनेट पर बिना किसी ब्रोकर की मदद से घर खरीदना इतना आसान होगा। लेकिन, आज उनके प्लेटफॉर्म पर लाखों लोग घर खरीदने के लिए सर्च करते हैं। 
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Rajasthan DigiFest 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Rajasthan DigiFest 2022: राजस्थान डिजिफेस्ट-2022 के दूसरे दिन शनिवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में विभिन्न सत्र में युवा आंत्रप्रेन्योर्स ने अपने अनुभव साझा किए। युवा आंत्रप्रेन्योर्स ने कहा कि डिजिफेस्ट-2022 जैसे आयोजन युवाओं को अपना स्टार्ट अप शुरू करने के लिए प्रेरित करते हैं।

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पिछले कुछ साल से राजस्थान सरकार द्वारा स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे प्रदेश में आंत्रप्रेन्योरशिप के प्रति ईको-सिस्टम डवलप हुआ है। आंत्रप्रेन्योर्स ने कहा कि देशभर में पिछले तीन-चार साल में करीब 125 स्टार्ट अप यूनिकॉर्न की श्रेणी में आ गए हैं। 

सत्र में मोटिवेशनल स्पीकर व इस्कॉन से जुड़े गौरांगदास ने युवाओं को अपनी ताकत पहचानने और तनाव मुक्त रहने के लिए प्रेरित किया। पावर टॉक ऑन पाथ टू यूनिकॉर्न विषय पर आयोजित सत्र में यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला के संस्थापक अलख पांडे, नो ब्रोकर के संस्थापक अखिल गुप्ता और कार देखो के संस्थापक अनुराग जैन ने जीवन में आए उतार-चढ़ाव और स्टार्ट अप के आइडिया को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। 
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नो ब्रोकर के संस्थापक अखिल गुप्ता ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने जीने की राह आसान कर दी है। उन्होंने कहा कि पहले कोई नहीं सोच सकता था कि घर बैठे इंटरनेट पर बिना किसी ब्रोकर की मदद से घर खरीदना इतना आसान होगा। लेकिन, आज उनके प्लेटफॉर्म पर लाखों लोग घर खरीदने के लिए सर्च करते हैं।  फिजिक्सवाला स्टार्ट अप शुरू करने के सफर को याद करते हुए अलख पांडे ने कहा, आज हजारों बच्चे ऑनलाइन क्लासेज ले रहे हैं। तकनीक के प्रयोग से विशेषज्ञ अध्यापकों तक बच्चों की पहुंच बनी है।  

राजस्थानी स्टालवार्ट सत्र में जयपुर वाच कंपनी के फाउंडर गौरव मेहता, एलीमेंट्री होम के संस्थापक आयुष बैद, टिंकरली के शरद बंसल और सिटी फर्निश के संस्थापक नीरव जैन ने कहा कि युवाओं को अपनी डिग्री करने के साथ ही स्टार्ट अप के बारे में भी सोचना शुरू कर देना चाहिए। महाविद्यालयों में आंत्रप्रेन्योरशिप सेल होना चाहिए। जहां युवाओं को स्टार्ट अप शुरू करने के बारे में बताया जाना चाहिए। एन इन्वेस्टर्स परस्पेक्टिव पर हुए पैनल डिस्कसन में राजस्थान एंजल इनोवेशन नेटवर्क्स के सह-संस्थापक रजनीश भंडारी, एक्ले वेंचर्स व एडवाइजरी सर्विस के मैनेजिंग पार्टनर विक्रम दुग्गल और थिंक्यूवेट के संस्थापक एडिसन अप्पू ने भी युवाओं के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। 

ट्रेलब्लेजिंग इन आंत्रप्रेन्योरशिप पर आयोजित पैनल डिस्कसन में जो वर्ल्ड के सह-संस्थापक धर्मवीर सिंह, डेल्हीवरी के सह-संस्थापक सूरज सहारण और मारवाड़ी कैटेलिस्ट्स के संस्थापक सुशील शर्मा ने स्टार्ट अप शुरू करने करने के बारे में बताया। वुमंस लीडरशिप इन डिजिटल वर्ल्ड विषय पर आयोजित सत्र में वुमन मेंटर्स फोरम की सह-संस्थापक अर्चना सुराणा, प्रथम सॉफ्टवेयर की सह-संस्थापक सुमिति मित्तल और ईएनटी सर्जन डॉ. अनिता भंडारी ने तकनीक के उपयोग से कैसे महिलाएं समाज में बदलाव ला सकती हैं इस पर विचार व्यक्त किए। 

मास्टर द आंत्रप्रेन्योरशिप माइंड पर आयोजित सत्र में इस्कॉन के डिविजनल डायरेक्टर गौरांगदास ने आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए विजन और प्लानिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्ट अप की सफलता के लिए टीमवर्क जरूरी है। साथ ही अपनी टीम को विजन समझाना भी काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने गोवर्धन ईको विलेज पर बनी एक शॉर्ट फिल्म दिखाई और बताया कि कैसे स्टार्ट अप के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाया जा सकता है। 

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