सचिन पायलट-प्रियंका गांधी वाड्रा-अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने खुले तौर पर बगावत कर ली है। वे दिल्ली में हैं और सोमवार को गहलोत के निवास पर हुई विधायक दल की बैठक में भी शामिल नहीं हुए। इसी बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 18 महीने की सरकार को बचाने के लिए तारणहार बनने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने गहलोत और पायलट दोनों से बात की है। इससे पहले राहुल गांधी भी ऐसी कोशिश कर चुके हैं।
पार्टी फोरम में अपनी बात रखें पायलट: सुरजेवाला
दिल्ली से जयपुर पहुंचे पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'सचिन पायलट सहित सभी विधायकों के लिए दरवाजे खुले हैं और खुले रहेंगे। आप सोनिया-राहुल गांधी से बात कीजिए। व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के लिए कांग्रेस पार्टी को अस्थिर करना गलत है। सभी विधायक, विधायक दल की बैठक में शामिल हों। पार्टी फोरम में अपनी बात रखें, न की पार्टी के बाहर। भाजपा सीबीआई, आयकर, ईडी के जरिए लोकतंत्र की हत्या करती है। कल देर रात और आज सुबह से भाजपा के ये तीन अग्रिम विभाग दुर्भावना के लिए उतर आए हैं। भाजपा सरकार ने कांग्रेस के पदाधिकारियों पर छापेमारी शुरू करवा रखी है। पैसों के बल पर वे कांग्रेस के विधायकों की निष्ठा नहीं खरीद पा रहे थे इसलिए आयकर विभाग को भेज दिया। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। राजस्थान की बहादुर धरती उनके हर षड्यंत्र को विफल करने वाली है।'
यह भी पढ़ें- Rajasthan Political Crisis Live Updates: पायलट को मनाने में जुटीं प्रियंका गांधी
48 घंटे में कई बार पायलट से कांग्रेस नेतृत्व ने की बात: सुरजेवाला
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'जहां बर्तन होते हैं वहां खटकते भी हैं। जहां बर्तन नहीं होते हैं वहं खटकते भी नहीं है। ये हमारे हरियाणा और राजस्थान की कहावत है। आप परिवार के साथ बैठकर बात कीजिए। परिवार में कोई परेशानी होती है तो मां-बाप, ताऊ-चाचा के साथ बैठकर बात की जानी चाहिए। पिछली बार भी हमने बैठकर समस्याओं का समाधान निकाला था। अगर आप परिवार से अलग हटकर जाएंगे तो इससे परिवार को नुकसान पहुंचेगा। कांग्रेस की पार्टी राजस्थान में स्थिर है। कांग्रेस नेतृत्व ने 48 घंटे में कई बार पायलट से बात की है। एक बात मैं बता दूं कि हम राजस्थान में पूरे पांच का कार्यकाल पूरा करेंगे। भाजपा कितने भी हथकंडे निभाए। ईडी, सीबीआई और आयकर के जरिए वह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को नहीं गिरा पाएगी।'