मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा में पुराना बजट पढ़ दिया। इसे लेकर विपक्ष सीएम गहलोत पर हमलावर है। बजट भाषण के बाद गहलोत ने मीडिया के सामने पुराना बजट पढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा- बजट लीक नहीं हुआ, गलती को तुरंत ठीक किया गया और मैंने सॉरी भी बोल दी। विपक्ष की ओर से बात का बतंगड़ बनाया गया है।
सीएम गहलोत बोले- हमने बजट को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी तैयारी की, लेकिन भाजपा को ये सहन नहीं हुआ। इसलिए बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2028 क टारगेट लेकर हमने यह बजट बनाया है। चुनाव के हिसाब से कोई काम नहीं किया। दुनिया में सबसे अच्छी स्कीम चिरंजीवी योजना है।इसका फायदा सभी को मिलेगा।
गहलोत ने कहा- बीजेपी के लोग चाहते थे कि बजट को सुना जाए। किसानों और युवाओं का बजट में खास ख्याल रखा गया है। बजट लीक होने की बात साफ अफवाह है। बजट 0.1 परसेंट भी लीक हुआ होता तो गम्भीर बात होगी। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार रिपीट होने जा रही है।
आखिरी हुआ क्या विधानसभा में?
दरअसल, राजस्थान विधानसभा सदन में सीएम अशोक गहलोत अपने बजट भाषण के दौरान अचानक अटक गए। मालूम हो कि गहलोत ने सुबह 11 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया और थोड़ी ही देर बाद वह बजट पढ़ते पढ़ते अटक गए। गहलोत ने 125 दिन शहरी रोजगार गारंटी योजना की जानकारी बजट में आते ही गलती का एहसास हुआ।
इस दौरान मंत्री महेश जोशी ने सीएम के पास जाकर यह गलती बताई और इस पर सीएम ने माफी मांगते हुए कहा कि गलती हो जाती है। वहीं, इधर विपक्ष ने सवाल पूछा कि बजट के पेपर में पुराने बजट के कागज कैसे आ गए। बीजेपी नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सीएम ने पुराना बजट भाषण पढ़ा है।