डिजिटल राजस्थान के तहत ई-आॅफिस, ई-पेमंट, फाइल टरेकिंग सिस्टम को अपग्रेड करने के साथ विस्तार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी कर्मचारियों की कुशलता बढ़ेगी। पारदर्शिता होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। इसके लिए बजट में ये खास घोषणाएं की है-
रणथंभौर, सरिस्का, मुकन्दरा, झालाना आदि वन क्षेत्रों में आईटी सिक्युरिटी सिस्टम डवलप किया जाएगा।
उद्योगों के लिए सिंगल विंडो पोर्टल लांच होगा। इससे विभिन्न तरह की मंजूरियों के लिए उद्यमियों को भटकना नहीं पड़ेगा।
26 लाख किसानों को केन्द्रीय सहकारी बैंक से लोन सुविधा के लिए ईएमवी रूपे किसान डेबिट कार्ड जारी होंगे।
भामाशाह प्लेटफार्म के अंतर्गत ई-पीडीएस योजना से पीओएस का उपयोग बढ़ाने के लिए थोक विक्रेता एवं परिवहन सहित सम्पूर्ण राशन वितरण प्रणाली का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।
सभी अटल सेवा केन्द्रों पर ई-मित्र सर्विस एटीएम स्थापित किए जाएंगे। जहां कोई भी व्यक्ति सरकारी सेवा, सूचना तथा आवश्यकतानुसार दस्तावेजोें के प्रिंट ले सकेंगे।
ई-आॅफिस सिस्टम 10 और विभागों में लागू होगा। अभी पांच सरकारी विभागों में है। इसके तहत कर्मचरियों की छुट्टी मंजूरी, बैठक प्रबंधन समेत कई काम आॅन लाइन सिस्टम में होंगे। फाइल ट्रेकिंग सिस्टम को भी सभी विभागों में लागू किया जाएगा।
अटल सेवा केन्द्रों और सभी सरकारी दफ्तरों में वाईफाई सुविधा दी जाएगी।
सभी जिलों को कमांड एड कन्ट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। जिला मुख्यालयों एवं संवेदनशील क्षेत्रों को सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखा जाएग। समस्त आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों के लिए नागरिक हैल्पलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इन्ट्रीग्रेटेड आईटी एनबिल्ड हैल्थ प्रोजेक्ट की घोषण। इसके माध्यम से टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
खनन से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता के लिए इंटीग्रेटेड आॅनलाइन सिस्टम डवलप किया जाएगा। जिसमें लीज देने, रवन्ना जारी करने, अवैध माइनिंग पर निगरानी तक के सभी काम आईटी एवं जीआईएस के माध्यम से होंगे।
साइबर सिक्युरिटी के लिए आई टी सिक्युरिटी पाॅलिसी का आईटीईएस पाॅलिसी में समावेश कर किया जाएगा। राज्य के डेटा सेंटर एवं नेटवर्क को सुरक्षित किया जाएगा।
छह संभाग मुख्यालयों कोटा, अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर और भरतपुर में साइबर फाॅरेन्सिक सेल स्थापित होगी।
भू-अभिलेखों तथा राजस्व नक्शों का डिजिटलाइजेशन तथा भू प्रबंध विभाग का पुनगर्ठन।
सरकारी कर्मचारी यात्रा बिल एवं चिकित्सा बिल आॅनलाइन प्रस्तुत करेंगे। भुगतान की प्रकिया को भी इंटरीग्रेटेड फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। मेडिकल बिलों पुनर्भरण ई-पेमेंट होगा।