फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: सतीश पूनिया का पलटवार, कहा- CM गहलोत को जन आक्रोश देखना है तो गांवों, कस्बों और लोगों के बीच जाएं

Thu, 02 Feb 2023 09:05 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि भाजपा की जन आक्रोश यात्रा में पूरे राजस्थान में जनता का आक्रोश मुखरता से दिखाई दिया है। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर भाजपा ने जनता की आवाज को ताकत देने का काम किया है। इससे कांग्रेस सरकार बौखलाई हुई है।
विज्ञापन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जन आक्रोश देखना है तो वे राजस्थान के गांवों, कस्बों और लोगों के बीच जाएं। कांग्रेस सरकार के मंत्री और विधायक पिछले चार साल से जनता के पास नहीं जा रहे हैं। किसानों और युवाओं से जो वादे किए गए थे, वो पूरे नहीं किए इससे प्रदेश की जनता आक्रोशित है। कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियां और वादाखिलाफी के कारण आपकी सरकार में राजस्थान के लोगों के आक्रोश का सामना करने की हिम्मत नहीं है।

विज्ञापन


पूनिया ने कहा कि भाजपा की जन आक्रोश यात्रा में पूरे राजस्थान में जनता का आक्रोश मुखरता से दिखाई दिया है। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर भाजपा ने जनता की आवाज को ताकत देने का काम किया है। इससे कांग्रेस सरकार बौखलाई हुई है। 

मुख्यमंत्री गहलोत किसान कर्जमाफी के झूठे आंकड़े गिनाने में अव्वल हैं। राहुल गांधी के द्वारा किसान कर्जमाफी का जो वादा किया गया था वो आज भी पूरा नहीं किया गया है और फिर भी वे कहते हैं कि किसानों का कर्जा माफ कर दिया। हकीकत यह है कि प्रदेश के लगभग 60 लाख किसान कर्जमाफी होने का आज भी इंतजार कर रहे हैं। 18 हजार से अधिक किसानों की जमीनें नीलाम हो गईं हैं। 200 से अधिक किसान आर्थिक तंगी और कर्जमाफी नहीं होने के कारण आत्महत्या कर चुके हैं।  
विज्ञापन


पूनिया ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हुई हैं। जयपुर ही नहीं प्रदेश भर के व्यापारी और बहन-बेटियां कोई भी सुरक्षित नहीं है। राजधानी जयपुर में भी आए दिन भी व्यापारियों को धमकाने, फायरिंग और वसूली के मामले बढ़ रहे हैं। इससे व्यापारी वर्ग में भय का माहौल है।

पेपल लीक मामलों की सीबीआई से जांच करवाने से मुख्यमंत्री क्यों पीछे हट रहे हैं, क्या कांग्रेस शासन में कोई भी पेपर पारदर्शी हो पाया है, क्या तमाम परीक्षाओं के पेपर लीक नहीं हुए। बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं फिर भी जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है। युवाओं को न्याय दिलवाने के लिये पेपर लीक मामलों की जांच सीबीआई से करवाने में मुख्यमंत्री गहलोत को क्या परेशानी है?

गहलोत सरकार के शासन में प्रदेश के युवाओं के साथ बार-बार धोखा हो रहा है। इनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, रोजागर, भत्ता इत्यादि मामलों में राज्य सरकार पूरी तरह विफल है। भाजपा युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। आने वाले विधानसभा चुनाव में अगर भाजपा की सरकार बनी तो युवाओं के साथ न्याय होगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें