राजस्थान विधानसभा चुनाव में सत्तारुढ़ भाजपा को एक और झटका लगा है। गर्म सियासी माहौल के बीच नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जोरों पर है। सोमवार को भाजपा मंत्री सुरेंद्र गोयल ने भाजपा छोड़ने का एलान किया। उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पाली के जैतरण से विधायक गोयल को 2014 में मंत्री बनाया गया था। वह पांच बार विधायक रह चुके हैं।
बता दें कि इससे पहले भाजपा के बागी निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल अपनी नई राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से राजस्थान विधानसभा चुनाव में सभी 200 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का एलान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बसपा और भाजपा छोड़कर भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले घनश्याम तिवाड़ी से भी गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा था कि भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों ने हमेशा मतदाताओं को बरगला कर सरकारें बनाई हैं। चुनाव से पहले किए सभी वाले इन पार्टियों ने सरकार बनाने के बाद भुलाया है।
वसुंधरा राजे के नेतृत्व में पार्टी ने 2013 में प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों में से 163 सीटें जीतकर कांग्रेस को सूबे में अब तक की सबसे करारी शिकस्त दी थी। लेकिन इस बार यहां हालात कुछ बदले नजर आ रहे हैं। बागी तो परेशान कर ही रहे हैं, कांग्रेस भी कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है।