राजस्थान में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। लिस्ट आते ही पार्टी के एक बड़े नेता ने इस्तीफा दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव की 200 सीटों में से अपने 131 उम्मीदवारों की सूची जारी की जिसमें सुरेन्द्र गोयल का नाम नहीं था। इस बात से नाराज होकर उन्होंने भाजपा से अपना नाता तोड़ लिया है, साथ ही निर्दलीय चुनाव लड़ने का भी वो मन बना रहे हैं।
सुरेन्द्र गोयल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र लिखकर कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी को भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का त्याग पत्र भेजा है। इससे पहले सुरेन्द्र गोयल जैतारण के भाकरवास गांव में हजारों की संख्या में अपने समर्थकों के साथ इकट्ठा हुए थे। उस दौरान कार्यक्रम में गोयल के समर्थकों ने जमकर भाजपा का विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गोयल के समर्थन में तथा भाजपा और ओम माथुर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सूत्रों के अनुसार एक साथ काफी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारियों द्वारा भाजपा छोड़ने का भी फैसला ले लिया। इसके साथ ही गोयल ने 17 नवंबर को निर्दलीय के रूप में नामांकन भरने का भी ऐलान किया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने जैतारण से उस फूल को काट दिया है, जिसे कभी उन्होंने मेहनत से खिलाया था।