राजस्थान में कांग्रेस ने 15 जबकि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के लिए महज एक मुस्लिम उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव जितनी ही है। पिछली बार कांग्रेस के सभी मुस्लिम उम्मीदवारों की हार हुई थी। जबकि भाजपा ने 2013 में चार मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे जिनमे से दो ने जीत हासिल की थी।
इस बार के चुनाव में भाजपा ने प्रदेश के परिवहन मंत्री यूनुस खान को टोंक से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के खिलाफ खड़ा किया है। इससे पहले भाजपा ने टोंक से स्थानीय विधायक अजीत सिंह मेहता को टिकट दिया था मगर बाद में कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट के नाम की घोषणा के बाद पार्टी ने उम्मीदवार बदल दिया। टोंक में बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता हैं। यूनुस खान वर्तमान में डीडवाना से भाजपा के विधायक हैं।
वहीं कांग्रेस ने पिछले चुनाव में हारे आठ मुस्लिम प्रत्याशियों को दोबारा मौका दिया है। पार्टी ने 2013 में पराजित हुए दो मुस्लिम उम्मीदवारों की पत्नियों समेत तीन महिलाओं को टिकट दिया है।
दूसरी तरफ भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद नागौर विधायक हबीबुर्रहमान ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने उन्हें नागौर से ही उम्मीदवार बनाया है। रहमान अशोक गहलोत की सरकार में वक्फ मंत्री थे मगर 2008 में कांग्रेस से टिकट ना मिलने पर भाजपा में शामिल हो गए थे।
राजस्थान में 7 दिसंबर को सभी 200 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होंगे। चुनाव परिणाम 11 दिसंबर को जारी होंगे।