राजसमंद में रविवार रात को एक पुजारी परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश की। बदमाशों ने दुकान पर पेट्रोल बम्ब फेंक कर दुकान में आग लगा दी। आग लगने से पुजारी दंपती बुरी तरह से झुलस गए।
घटना के बाद दुकान से आग की लपटें और धुंए को देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी भाग चुके थे। ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाई और देवगढ़ पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। ग्रामीणों ने एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को देवगढ़ हॉस्पिटल भेजा।
सीएचसी में डॉ. अनुराग शर्मा, डॉ. शांतिलाल एवं मेडिकल टीम ने उनका उपचार शुरू किया। बताया कि घायल पुजारी नवरत्न प्रजापत (80) प्रतिशत तक झुलस गए। उन्हें प्रारम्भिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पर देवगढ़ थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। तहसीलदार मुकंद सिंह, एसआई प्रताप सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान हॉस्पिटल में भीड़ एकत्रित हो गई। इधर, पुलिस ने देर रात दो टीमें दबिश देने के लिए भेजी। पुलिस ने मामले में करीब आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है।
वहीं, इस मामले में राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा, पिछले चार साल से राजस्थान में जघन्य अपराधों की एक शृंखला बन गई है। इसका ताजा और निंदनीय उदाहरण देवगढ़ (राजसमंद) की घटना है। जहां बुजुर्ग पुजारी दंपति को जिंदा जलाया गया। रोज बीजेपी को कोसने के बजाय गहलोत जी को प्रदेश में जारी जंगलराज की सुध लेनी चाहिए।