राजस्थान में बिजली संकट के बीच मिली बड़ी राहत।
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सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई 7 और सूरतगढ़ थर्मल प्लांट की 250 मेगावाट की इकाई 1 से बिजली का उत्पादन आज फिर से शुरू हो गया है। 910 मेगावाट क्षमता की दोनों यूनिट से पुरजोर कोशिश कर टारगेट डेट 31 दिसम्बर से बिजली जनरेशन शुरू करवा दिया गया है।
660 मेगावाट की यूनिट सात शुरू
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) के अध्यक्ष और प्रबन्ध निदेशक आर. के. शर्मा ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले में स्थित सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल थर्मल बिजली घर की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 7 तकनीकी फाल्ट के कारण 24 दिसम्बर को बन्द हो गई थी। जिसके बाद यूनिट में ज़रूरी सुधार कार्य करवाए गए। सभी पैरामीटर सही पाए जाने पर 31 दिसम्बर को सुबह 3.07 बजे सिंक्रोनाइज कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया है।
250 मेगावाट की यूनिट एक भी शुरू
सीएमडी आरके शर्मा ने बताया सूरतगढ़ थर्मल पवार प्लांट की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट संख्या 1 तकनीकी फाल्ट के कारण 30 जून से बन्द चल रही थी। इसमें भी सभी आवश्यक सुधार कार्य करने के बाद ठीक करवाकर 31 दिसम्बर को सुबह 6.35 बजे से बिजली प्रोडक्शन शुरू कर दिया गया है।राजस्थान की बिजली डिमांड को पूरा करने के लिए राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम प्रशासन की टीम लगातार कोशिश कर रही है।
राजस्थान में इस साल ऐतिहासिक रही बिजली डिमांड
राजस्थान में 2022 में गर्मी में 36 फीसदी और सर्दी के मौसम में 17 फीसदी बिजली डिमांड पिछले साल की तुलना में बढ़ चुकी है। बिजली कंपनियों ने असेसमेंट किया है वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 17500 से 1800 मेगावाट तक बिजली की अधिकतम डिमांड पहुंच सकती है। इतनी डिमांड प्रदेश के इतिहास में आज तक कभी नहीं रही है।
चुनावी साल में किसानों को पूरी बिजली देना चाहती है गहलोत सरकार
गहलोत सरकार 2023 में किसानों को जरूरत के मुताबिक पूरी बिजली देना चाहती है। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि 33 में से 11-12 जिलों में ही दिन में 2 ब्लॉक में किसानों को बिजली दी जा सकेगी। क्योंकि 2500 मेगावाट तक रोजाना बिजली की किल्लत चल रही है। अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 से सभी जिलों के किसानों को दिन में बिजली देने का प्लान है। सरकार ने बिजली डिस्कॉम्स को 1.50 लाख नए कृषि कनेक्शन और जारी करने को भी कहा है। डिमांड नोट भी जारी किए जा रहे हैं। इसलिए बिजली प्रोडक्शन बढ़ाने की कवायदें तेज़ कर दी गई हैं।