सचिन पायलट सोमवार दोपहर दो बजे खेतड़ी उपखंड के टीबा गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद श्योराम गुर्जर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान सचिन पायलट ने शहीद की वीरांगना सुनीता देवी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। वे शहीद के बच्चों से भी मिले और दुलार किया। मूर्ति अनावरण के बाद शाम चार बजे टीबा गांव में ही जनसभा हुई, जिसमें सचिन पायलट ने सभा को संबोधित किया और 4.30 बजे सड़क मार्ग से जयपुर के लिए रवाना हो गए।
जनसभा में पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच का मुद्दा उठाया। पायलट ने कहा, उन्होंने वसुंधरा सरकार में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराने के लिए जयपुर में एक दिन के लिए अनशन किया। लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कदम कोई कदम नहीं उठाया गया। यह सरकार की मंशा पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
बिना नाम लिए सरकार को घेरा...
पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना कहा कि विपक्ष में रहते जो लोग वसुंधरा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे, आज पावर होने के बाद भी जांच नहीं कराना सरकार की नाकामी को दर्शा रहा है। पायलट ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए हमने गांव-गांव जाकर जनता को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा और सत्ता में वापसी की। सरकार बनने से पहले जनता से कई वादे किए गए थे, लेकिन वादे पूरे नहीं हुए। अब चुनाव सिर पर है, किस मुंह से मैदान में जाकर पार्टी के लिए वोट मांगेंगे।
वीरांगना मामले को लेकर साधा निशाना...
पायलट ने टीबा गांव में हुई जनसभा में कहा कि किसान और जवान की बदौलत ही खेतड़ी (झुंझुनू) का नाम पूरे हिंदुस्तान में है। शहीद श्योराम गुर्जर ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड कामरान गाजी को ढेर किया। देश के लिए बहुत बहादुरी का काम किया। इसके बावजूद वीरांगना को आज तक सरकारी नौकरी नहीं दी गई। सरकारी नौकरी को लेकर वीरांगना को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह बड़े दुख की बात है। देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले लोगों के लिए नियम कायदे बदलने भी पड़ें तो सरकार को बदलना चाहिए।
गुढ़ा बोले, पावर को सीएम ने सेंट्रलाइज किया...
सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि शहीद वीरांगना को नौकरी नहीं मिलना दुख की बात है। सैनिक कल्याण मंत्री होने के बावजूद वीरांगना को नौकरी नहीं दिला पा रहे। वर्तमान सरकार में लाचार हैं। उन्होंने कहा कि खेतड़ी के विधायक सीएम सलाहकार हैं, लेकिन एक सिपाही का ट्रांसफर भी नहीं करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके हाथ में पावर होती तो वे शहीद के पूरे परिवार को नौकरी लगा देते और वीरांगना को भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, पूरे पावर को मुख्यमंत्री ने सेंट्रलाइज कर रखा है। यदि कोई मुख्यमंत्री से किसी मामले की जांच करवाने की मांग करते हैं, तो उन्हें अनुशासनहीनता पर कार्रवाई करने की धमकियां दी जा रही हैं।
इस दौरान गुढ़ा ने कहा कि सचिन पायलट ने राजस्थान की 200 विधानसभाओं में जाकर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक किया था। आज उन्हें अनुशासनहीनता करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। कार्यक्रम को नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी, विराटनगर विधायक इंद्राज गुर्जर, सीएम सलाहकार डॉ जितेंद्र सिंह, खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर और विधायक वेद प्रकाश सोलंकी आदि ने संबोधित किया।