प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दक्षिण कर्नाटक के मुदबिदारी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार आतंक के आकाओं को बचाती है। तुष्टीकरण को बढ़ाती है। राजस्थान में कुछ साल पहले बम धमाका हुआ था। जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए। आप कल्पना कीजिए कितना भयंकर षड्यंत्र हुआ होगा। वहां की कांग्रेस सरकार की पुलिस ने ऐसा काम किया कि धमाका करने वाले सारे के सारे दोषी निर्दोष होकर जेल से छूट गए। उनको सजा नहीं दिलवाई गई। तुष्टिकरण की यही नीति कांग्रेस किनएकमात्र पहचान है। क्या ऐसी कांग्रेस पार्टी को आप कर्नाटक में आने देंगे ?
पोलिंग बूथ में बटन दबाते ही जय बजरंग बलि बोलकर कांग्रेस को सजा देना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक की जनता से कहा कि पोलिंग बूथ में बटन दबाते ही जय बजरंग बलि की बोलकर कांग्रेस को सजा देना। कर्नाटक में कांग्रेस के चुनावी मेनिफेस्टो में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कहे जाने पर मोदी ने यह सियासी निशाना लगाया। कर्नाटक के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी का यह संदेश राजस्थान तक लोगों ने देख और सुन लिया है। राजस्थान में भी इसी साल के आखिर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी साथ ही विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में माना जा रहा है प्रधानमंत्री मोदी ने एक साथ कई चुनावी राज्यों को कर्नाटक से साधा है।
क्या है पूरा मामला ?
13 मई 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। जिसमें 71 लोगों की मौतें हुई थीं। जबकि 185 लोग घायल हुए थे। मामले में निचली अदालत से दोषी ठहराए गए 5 लोगों ने राजस्थान हाईकोर्ट में आदेश के खिलाफ याचिका लगाई थी। राजस्थान हाईकोर्ट में राज्य सरकार की कमजोर पैरवी करने के कारण फरवरी में सभी आरोपियों को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। राजस्थान बीजेपी ने इसे कांग्रेस सरकार की लापरवाही और तुष्टिकरण करार दिया।
फिर पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर बीजेपी ने जहां जयपुर में विरोध मार्च निकला और सभा की। जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट मामले के पीड़ित परिवारों ने बीजेपी के सहयोग से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। जबकि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने पैरवी कर रहे वकील को हटाकर सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दायर करने की बात कही।