शादी का कार्ड और दस्तावेज की जांच करती पुलिस।
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भरतपुर के चिकसाना थाना पुलिस ने एक नाबालिग को शादी को रुकवाया और नाबालिग के माता-पिता को भविष्य में नाबालिग की शादी नहीं करने के लिए पाबंद किया। जब पुलिस ने नाबालिग के जन्म के लिए उसके कागज मांगे तो परिजनों ने नाबालिग का आधार कार्ड दिखाया। आधार कार्ड के अनुसार नाबालिग 19 साल की हो रही थी। पुलिस ने गांव के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को बुलाया और जन्म के कागज मांगे उसके अनुसार लड़की 15 साल की निकली।
भरतपुर जिले की चिकसाना थाना पुलिस को फोन से सूचना मिली थी कि चिकसाना थाना इलाके में एक नाबालिग की शादी हो रही है। सूचना मिलने पर पटवारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लड़की के जन्म के दस्तावेज मांगे। परिजनों ने नाबालिग का एक आधार कार्ड पुलिस को दिखाया, जिसके अनुसार नाबालिग 19 साल की हो रही थी, लेकिन पुलिस ने पुख्ता जानकारी के लिए गांव के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को बुलाया और नाबालिग के जन्म से संबंधित कागज मांगे। प्रिंसिपल ने नाबालिग के जन्म से संबंधित कागज पेश किए तो उसमें नाबालिग की उम्र पांच अगस्त 2008 निकली, जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग के परिजनों को उसकी शादी न करने के लिए पाबंद किया। बच्ची बालिग होने के बाद ही उसकी शादी करने को कहा गया। इसके अलावा पुलिस ने हलवाई और टेंट वाले को भी पाबंद किया।