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Dr. Archana Suicide Case: पुलिस पर क्यों उठ रहे सवाल, राजनीतिक एंगल भी आया सामने, जानें अब तक क्या-क्या हुआ?

Fri, 01 Apr 2022 07:30 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस में भाजपा के पूर्व विधायक और एक पदाधिकारी सहित पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दौसा एसपी का तबादला कर लालसोट डिप्टी एपीओ और थानाधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है।  
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डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस में जानिए अब तक क्या क्या हुआ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के दौसा में डॉ. अर्चना की सुसाइड ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। साथ ही लोगों को भी झगझोर कर रख दिया है। मामले में भाजपा के पूर्व विधायक और एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। दोनों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दौसा एसपी का तबादला कर लालसोट डिप्टी एपीओ और थानाधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

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उधर, आठ साल में हजारों लोगों की जान बचाने वाली डॉ. अर्चना के पति सुनीत उपाध्याय न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना कि मेरी पत्नी तो चली गई, लेकिन अन्य डॉक्टरों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां हम सोमवार से शुरू हुए घटनाक्रम की जानकारी सिलसिलेवार तरीके से देंगे। आइए जानते हैं...
 

क्या है पूरा मामला 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लालसोट के खेमावास निवासी लालूराम बैरवा पत्नी आशा देवी (22) को प्रसव के लिए सोमवार सुबह आनंद हॉस्पिटल लेकर आए थे। प्रसव के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें भाजपा नेता और उनके समर्थक भी शामिल हुए। विरोध-प्रदर्शन के बाद लालसोट थाने में डॉक्टर अर्चना के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इससे डॉ. अर्चना शर्मा तनाव में चली गई और अगले दिन मंगलवार को उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पढ़ें डॉक्टर का सुसाइड नोट 
'डॉक्टर अर्चना ने अपने सुसाइड में लिखा मैंने कोई गलती नहीं की, किसी को नहीं मारा, मेरा मरना ही शायद मेरी बेगुनाही साबित कर दे। मैं पति और बच्चों से बहुत प्यार करती हूं। कृपया मेरे मरने के बाद इन्हें परेशान मत करना। पीपीएच कॉम्पलिकेशन है। इसके लिए डॉक्टर को इतना प्रताड़ित करना बंद करो। मेरा मरना शायद मेरी बेगुनाही साबित कर दे। DONT HARASS INNOCENT DOCTORS, Please, LUV U please मेरे बच्चों को मां की कमी महसूस नहीं होने देना'।

डॉक्टर अर्चना शर्मा की मौत के बाद बिखर गया परिवार। - फोटो : सोशल मीडिया
आठ साल से अस्पताल चला रहे थे डॉक्टर दंपती
डॉ. अर्चना शर्मा गायनोलॉजिस्ट थीं और उनके पति डॉ. सुनीत उपाध्याय न्यूरो साइक्रेट्रिस्ट है। दंपति आठ साल से अस्पताल चला रहे थे। महिला डॉक्टर के परिजन ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह तीसरी मंजिल पर बने डॉ. अर्चना शर्मा के कमरे में गईं, इस दौरान दरवाजा बंद था। काफी खटखटाने और आवाज लगाने के बाद भी कोई हलचल नहीं हुई तो अर्चना के पति को बताया। उन्होंने भी दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं खुला। डॉक्टर सुनीत ने धक्का मारकर उसे खोला, तो देखा कि डॉक्टर अर्चना फंदे पर लटक रही थीं।

मृतका के पति ने कहा- हर डॉक्टर मरीज को बचाने की करता है कोशिश
पत्नी को खो चुके डॉ. सुनीत उपाध्याय ने कहा कि इस पूरे मामले में राजनीति हुई है। हर डॉक्टर मरीज को बचाने की कोशिश करता है। डॉक्टरों को इस तरह से प्रातड़ित करना बंद किया जाए। मेरी पत्नी को चली गई, लेकिन अब किसी डॉक्टर के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। डॉ. सुनीत ने बताया कि अर्चना गोल्ड मेडलिस्ट और अच्छी सर्जन थीं। आरोपियों की धमकियों से परेशान और जेल जाने की चिंता में वह जिंदगी हार गईं। डॉ. अर्चना और डॉ. सुनीत का एक लड़का (12) और लड़की (8) है।

पूर्व भाजपा विधायक गिरफ्तार। - फोटो : सोशल मीडिया
भाजपा के पूर्व विधायक और एक पदाधिकारी गिरफ्तार
आत्महत्या के मामले पुलिस ने पूर्व भाजपा विधायक जितेंद्र गोठवाल और एक कार्यकर्ता को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। लालसोट कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। भाजपा के प्रदेश मंत्री और पूर्व संसदीय सचिव जितेंद्र गोठवाल पर डॉक्टर दंपती के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को उकसाने और अस्पताल प्रबंधन को ब्लैकमेल करने का आरोप हैं। इसके अलावा राम मनोहर बैरवा को भी गिरफ्तार किया गया है। वह स्थानीय समाज संगठन का पदाधिकारी है। डॉ. अर्चना के पति डॉ. सुनीत का आरोप है कि जितेंद्र गोठवाल और डॉ. किरोड़ीलाल के समर्थक सहित भाजपा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हत्या का केस करने के लिए दबाव बनाया था। 

गोठवाल ने कहा- भड़काने का एक वीडियो है तो राजनीति छोड़ दूंगा 
अपने ऊपर लगे आरोप पर पूर्व भाजपा विधायक जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि मेरे आने से पहले धारा 302 में केस दर्ज हो चुका था। मैंने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को रेल का टिकट भेजा था। सरकार ने मुझे इसी की सजा दी है। डॉ. अर्चना की मौत दुखद है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अगर भीड़ को उकसाने का एक भी वीडियो पुलिस के पास है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रियंका गांधी से वाहवाही लूटने के लिए मुझे इस केस में फंसाया है। 

इधर, शनिवार को पुलिस ने अर्चना सुसाइड केस में पांचवें आरोपी बाबूलाल मीणा निवासी बिहारीपुरा को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले जितेंद्र गोठवाल, राम मनोहर, बलराम और रामखिलाड़ी बैरवा को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रसूता का पति बोला- मैंने शिकयत नहीं दी, मुझसे हस्ताक्षर करवाए 
इस पूरे मामले को लेकर चौकाने वाला खुलासा मृतक प्रसूता आशा के पति लालूराम ने किया है। उसने कहा कि मैं मजदूरी करता हूं, मुझे शिकायत लिखना नहीं आता। कुछ लोगों ने मुझसे कागज पर हस्ताक्षर करवाए, लेकिन मैं उन्हें नहीं जानता। मैंने आशा को आनंद अस्पताल में भर्ती करवाया था। ऑपरेशन के बाद उसकी ब्लीडिंग बंद नहीं हुई, जिससे उसकी मौत हो गई। मैंने शिकायत नहीं दी थी। 

दौसा के नए एसपी राजकुमार बोले- यह केस सुलझाना मेरी प्राथमिकता 
सुसाइड मामले में दौसा एसपी अनिल बेनीवाल को हटाने के बाद सरकार ने आईपीएस राजकुमार गुप्ता को जिले की कमाान सौंपी है। नए एसपी के रूप में बुधवार को गुप्ता ने पदभार संभाला। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस मेरी प्राथमिकता है, इस केस को जल्द से जल्द सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे। सभी के सहयोग से जिले में अच्छी पुलिसिंग कर क्राइम कंट्रोल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा।

मंत्री परसादी मीणा बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी केस की सुनवाई  
चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा महिला डॉक्टर के पति सुनीत उपाध्याय से मिले, उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ है। दोषी कोई भी हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। आरोपियों के खिलाफ जल्द ही कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि डॉ. अर्चना के रूप देश ने एक हीरा खो दिया है। कुछ लफंडर लोगों के दबाव में पुलिस अधिकारियों की नासमझी से हत्या का केस दर्ज हो गया और इसके दबाव में डॉ अर्चना शर्मा ने आत्महत्या कर ली। 
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सरकार ने बनाई कमेटी
चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि डॉक्टरों में भरोसा बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने के लिए एसीएस होम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। डॉक्टर सुसाइड केस की जांच संभागीय आयुक्त कर रहे हैं। जांच के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दी जाएगी। साथ ही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना भी बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सुसाइड केस के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। 
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