शुक्रवार को शाम ए - ग़ज़ल में जयपुर के अंतरराष्ट्रीय ख्यातनाम ग़ज़ल गायक हुसैन बंधुओं उस्ताद अहमद- मोहम्मद हुसैन ने अपनी पुरकशिश आवाज में एक के बाद एक बेहतरीन गजलें सुनाकर जयपुर वासियों के लिए शाम यादगार बना दी। हुसैन बंधुओं ने कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना ' गाइए गणपति जगवंदन शंकर सुवन भवानी के नंदन' से करते हुए ग़ज़लों का बेहतरीन गुलदस्ता गुलाबी नगर वासियों के पेश ए नज़र किया।
मैं हवा हूं, कहां वतन मेरा, मुसाफिर हैं हम तो, हमारा ठिकाना गुलाबी नगर
हुसैन बंधुओं ने 'मैं हवा हूं, कहां वतन मेरा। ' चल मेरे साथी चल,चल मेरी जान ए ग़ज़ल'... ' मुसाफिर हैं हम तो हमारा ठिकाना गुलाबी नगर है..., 'मौसम आएंगें जाएंगे'... और जनता की बेहद मांग पर अपनी सुप्रसिद्ध ग़ज़ल ' नज़र मुझसे मिलाती हो तुम, तो शरमा सी जाती हो' सुना कर जनता की भरपूर दाद बटोरी।
हुसैन बंधुओं का शॉल ओढ़ाकर सम्मान
शाम-ए- ग़ज़ल कार्यक्रम में पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, पर्यटन विभाग की निदेशक डॉ रश्मि शर्मा,अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल,संयुक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक पर्यटन विभाग सुमिता सरोच और विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने हुसैन बंधुओं का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। वहीं पर्यटन विभाग की निदेशक डॉ रश्मि शर्मा ने हुसैन बंधुओं को पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव राठौड़ ने हुसैन बंधुओं पदमश्री सम्मान से नवाजे जाने पर खुशी जाहिर की और कहा कि पर्यटन विभाग अपने कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए कटिबद्ध है।
संगत और संचालन इन्होंने किया
कार्यक्रम का संचालन सालेहा गाज़ी ने किया। सारंगी पर साबिर खान, तबले पर शफत हुसैन, कीबोर्ड पर रहबर हुसैन, गिटार पर पवन बालोदिया और इलेक्ट्रिक बोर्ड पर सुखदेव प्रसाद में हुसैन बंधुओं के साथ संगत की।