वनस्थली विद्यापीठ में बलात्कार की घटना नहीं बल्कि छेड़छाड़ हुई थी। यह तथ्य राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को शुक्रवार को सौंपी गई प्रथम रिपोर्ट में सामने आए हैं। आयोग ने वनस्थली विद्यापीठ में छात्राओं द्वारा लगाए गए बलात्कार और शोषण के आरोपों की जांच पूरी कर ली।
मुख्यमंत्री से मिली आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने बलात्कार से इन्कार करते हुए इसे छेड़छाड़ का मामला करार दिया है। उन्होंने कहा है कि महिला आयोग की टीम पीड़िता से बिहार मिलने गई थी, जहां उसने अपने पूराने बयानों (जिनमें उसने बलात्कार की बात कही थी) से इन्कार किया है। हालांकि महिला आयोग ने इस मामले में पीड़िता के साथ बदसलूकी होने, कॉलेज की ओर से मामले को दबाने का प्रयास करने जैसी कई बातें स्वीकारी गईं हैं।
सौंपी गई रिपोर्ट में आयोग द्वारा वनस्थली विद्यापीठ के आम रास्ते को कॉलेज परिसर से बन्द करने, सीसीटीवी लगवाने के साथ ही कॉलेज संचालन में पुरानी परम्पराओं को बदलने जैसी सिफारिशें की गई हैं। इसके अलावा सरकार की ओर से कॉलेज में प्रशासक नियुक्त करने और ऐसे मामलों को दबाने का प्रयास करने पर कॉलेज के प्रति जांच कराने की सिफारिश भी की गई है।