देशभर में कोचिंग नगरी के नाम से मशहूर राजस्थान के कोटा शहर में बुधवार को एक और कोचिंग छात्र ने आत्महत्या कर ली। मेडिकल की कोचिंग करने आए बिहार के भागलपुर निवासी निखिल नयन का शव दो दिन तक बाथरूम में फंदे पर लटका रहा।
पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। निखिल सहित मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे पांच छात्रों ने अब तक आत्महत्याएं की हैं। वहीं इंजीनियरिंग भी शामिल की जाए, तो कोटा में अब तक इस साल कुल नौ छात्र मौत को गले लगा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार बिहार निवासी निखिल ने 18 जून को ही कोटा स्थित कोचिंग संस्थान में प्रवेश लिया था। निखिल का कमरा दो दिन से बंद होने और आत्महत्या के कारण जब बदबू कमरे से बाहर आने लगी तो पड़ोसी छात्र ने पुलिस को फोन किया।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसे तो देखा कि उसने बाथरूम में फव्वारे वाले नल से फंदा लगाया हुआ था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि पढ़ाई के तनाव की वजह से निखिल ने आत्महत्या की।