राज्यसभा सांसद ओम माथुर ने कहा है कि आगामी चुनावों में एनआरसी मुख्य मुद्दा होगा। असम में एनआरसी को पूरा करने के बाद मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत जल्द पूरे देश में इसको लागू करेगी।
माथुर रविवार को झुंझुनूं में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बसंत मोरवाल के निधन के बाद उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने वहां पत्रकारों से कहा कि हिंदुस्तान को किसी भी सूरत में धर्मशाला नहीं बनने दिया जाएगा। भारत में जो भी घुसपैठिए हैं उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए माथुर ने कहा कि राहुल गांधी अपने परिवार के प्रति भी वफादार नहीं हैं। राहुल जिस एनआरसी का विरोध कर रहे हैं, उसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी जबकि उसका बीज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने डाला था।
इसके बाद कांग्रेस ने एनआरसी को लागू करने की कभी हिम्मत नहीं जुटाई। उन्होंने कहा कि स्वार्थी लोग घुसपैठियों के पक्ष में आंदोलन कर रहे हैं।
इधर, राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को राजस्थान में भी एनआरसी लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों से देश की संस्कृति को खतरा है। राजस्थान में भी घुसपैठिए रह रहे हैं, जिन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए।