राजस्थान के जैसलमेर की जनता को गहलोत सरकार ने सौगात दी है। राजस्थान सरकार ने जैसलमेर के सबसे बड़े तीर्थ स्थल रामदेवरा को नगरपालिका बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। बता दें, इसी साल विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रामदेवरा को ग्राम पंचायत से नगर पालिका बनाने की घोषणा की थी।
सरपंच होंगे अध्यक्ष, वार्ड पंच सदस्य
बुधवार को अधिसूचना जारी होते ही निर्वाचित सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच जैसे पद खत्म हो जाएंगे। इनके जगह नए पद अस्तित्व में आ जाएंगे। इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षद शामिल हैं। रामदेवरा ग्राम पंचायत की राजस्व सीमा को अब रामदेवरा नगरपालिका की स्थाई सीमा माना जाएगा।
राजस्व गांव भी नगर पालिका क्षेत्र में
रामदेवरा ग्राम पंचायत में वीरमदेवरा और मावा राजस्व गांव अब नगर पालिका की सीमा में सम्मिलित किया जाएगा। रामदेवरा ग्राम पंचायत को अब नगर पालिका में शामिल किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास की कई संभावनाएं खुल जाएंगी। इसके अलावा क्षेत्र में लगने वाले भादवा मेले के बेहतर आयोजन की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में सबसे बड़े आस्था का केंद्र हैं रामदेवरा
रामदेवरा में लोक देवता बाबा रामदेव की आस्था में प्रतिवर्ष भादवा मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें हर साल करीब 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होते हैं। मेले के आयोजन का पूरा खर्च ग्राम पंचायत ही वहन करती है। इस वजह से रामदेवरा को नगरपालिका बनाने के बाद राज्य सरकार द्वारा रामदेवरा आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जाने की संभावना है।
कैबिनेट मंत्री का जता रहे हैं आभार
रामदेवरा को नगर पालिका बनाने की अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद का आभार जताया है। रहवासियों का कहना है कि विधायक ने चुनावों के दौरान जो वादा किया था, उन्होंने वह पूरा करके दिखाया।